मध्यप्रदेश हनी ट्रैप मामले में आरोपी पांचों युवतियों को 14 अक्टूबर तक न्यायिक हिरासत

Honey Trap case

भोपाल : मध्यप्रदेश की बहुचर्चित हनी ट्रैप मामले की पांचों आरोपी युवतियों को मंगलवार को इंदौर जिला अदालत में पेश किया गया ‌जिसके बाद उन्हें 14 अक्टूबर तक न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। बता दें कि इस मामले में पुलिस को कोई बड़ी कामयाबी नहीं मिली है जिसकी वजह से वह अब तक कुछ खास पेश नहीं कर पायी है।

14 तक न्यायिक हिरासत

आरोपी युवतियों की पुलिस रिमांड मंगलवार को खत्म हो रही थी जिससे पहले एसआईटी की टीम ने इन युवतियों को अदालत में पेश किया। सुनवाई होने के बाद अदालत ने उन्हें 14 अक्टूबर तक न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। ऐसी संभावना जताई जा रही है कि उन युवतियों पर पुलिस अन्य धाराओं में भी मुकदमा दर्ज कर उन्हें रिमांड पर लेने की अपील अदालत से कर सकती है। जिला लोक अभियोजन अधिकारी के अनुसार सभी आरोपियों से कुछ दस्तावेज और साक्ष्य (सबूत) जब्त किए गए हैं।

मामले में कब क्या हुआ?

बता दें कि इस मामले में पुलिस ने इंदौर नगर निगम के एक इंजीनियर की शिकायत पर गिरोह की सरगना और उसकी एक साथी को पकड़ा था। पूछताछ के दौरान इन युव‌तियों ने कुछ लोगों के बारे में जानकारी दी जिसके आधार पर गिरोह की अन्य तीन सदस्यों को भोपाल से गिरफ्तार किया गया। गौरतलब है कि इस मामले में इंदौर पुलिस ने मानव तस्करी के मामले में जीरो पर मामला दर्ज कर उसे भोपाल स्थानांतरित (ट्रांसफर) किया था।

कई नामी गिरामी लोग हुए है शिकार
आरोपियों से हुई पूछताछ में एक के बाद एक राज खुलते गए, और नेताओं, आईएएस-आईपीएस अफसरों, पूर्व मंत्री, मंत्री, पूर्व सांसद, केंद्रीय मंत्री के बेटे के तार इस गिरोह से जुड़ते चले गए। छानबिन से पता चला कि यह एक बड़ा रैकेट है जो सुनियोजित ढंग से नेताओं और वरिष्ठ अफसरों को अपने जाल में फांसकर उनकी अश्लील वीडियो क्लिप बनाता था और फिर ब्लैकमेल कर उनसे करोड़ों रुपए वसूलता था।

शेयर करें

मुख्य समाचार

hongkong

हांगकांग ‘लोकतंत्र अधिनियम’ पारित, चीन ने दी कड़ी प्रतिक्रिया

वाशिंगटन : हांगकांग में लोकतंत्र समर्थक प्रदर्शनकारियों की मांग वाले एक विधेयक को अमेरिकी प्रतिनिधि सभा ने मंगलवार को पारित कर दिया, जिसका उद्देश्य उस आगे पढ़ें »

रतन टाटा खुद को मानते हैं ‘एक्सीडेंटल स्टार्टअप निवेशक’, कई बड़ी कंपनियों में है हिस्सेदारी

नई दिल्ली : उद्योगपति और टाटा समूह के चेयरमैन रतन टाटा ने खुद को 'एक्सीडेंटल स्टार्टअप निवेशक' माना है। उन्होंने दर्जनभर से ज्यादा स्टार्टअप कंपनियों आगे पढ़ें »

court

अयोध्या मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने 40 दिन की सुनवाई के बाद फैसला सुरक्षित रखा

ayodhya

अयोध्या मामला : मुस्लिम धर्मगुरुओं ने कहा, शीर्ष न्यायालय के फैसले को स्वीकार किया जाना चाहिए

अमेरिकी प्रतिबंधों के पालन के लिए भारत अपना नुकसान नहीं करेगा: वित्त मंत्री

russia

तुर्की और सीरिया की लड़ाई में रूस बना दीवार, तैनात की अपनी आर्मी

sitaraman

अनुच्छेद 370 को हटाए जाने के बाद ‘मानवाधिकार’ विश्व स्तर पर ज्वलंत शब्द बन गया : सीतारमण

chetak

बजाज ने पेश किया इलेक्ट्रिक चेतक स्कूटर, सामने आया पहला लुक

rail

रेलवे ने शुरू की नई योजना, अब फिल्म प्रमोशन के लिए हो सकेगी ट्रेनों की बुकिंग

modi

पीएम मोदी बोले- राष्ट्र निर्माण का आधार है सावरकर के संस्कार

ऊपर