निर्भया मामले में सुनवाई के दौरान बेहोश हो गईं जज भानुमति, दोषी विनय की याचिका ठुकराई

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नई दिल्ली : निर्भया सामूहिक बलात्कार और हत्याकांड मामले में उच्चतम न्यायालय में शुक्रवार को सुनवाई के दौरान न्यायाधीश आर भानुमति बेहोश हो गईं जिसके बाद तुरंत उन्हें चैंबर में ले जाया गया। इसके साथ ही पीठ ने सुनवाई को स्‍थगित करते हुए बाद में आदेश जारी करने की बात कही। महायाचक तुषार मेहता ने कहा कि न्यायाधीश भानुमति को काफी तेज बुखार था और अभी भी है। चैंबर में डॉक्टर उनकी देखभाल कर रहे हैं। इससे पहले न्यायालय में दोषी विनय की याचिका को खारिज कर दिया गया।

आगे की सुनवाई सोमवार को

फैसला लिखवाने से ठीक पहले जस्टिस भानुमति को चक्कर आया। करीब 20-30 सेकेंड बाद उन्हें होश आ गया। इसके बाद एक महिला पुलिसकर्मी उन्हें व्हील चेयर पर डिस्पेंसरी तक ले गईं। बताया जा रहा है कि वे फिलहाल बुखार और उच्च रक्तचाप से जूझ रही हैं। अब इस मामले पर आगे की सुनवाई सोमवार को होगी।

फांसी से बचने का अंतिम विकल्प शेष

इससे पहले उच्चतम न्यायालय ने निर्भया मामले में दोषी विनय शर्मा की याचिका को खारिज कर दिया। विनय ने राष्ट्रपति द्वारा अपनी दया याचिका खारिज करने के फैसले को चुनौती देते हुए यह याचिका दायर की थी। न्यायालय में न्यायमूर्ति अशोक भूषण और ए. एस. बोपन्ना के साथ न्यायमूर्ति आर. भानुमति की अध्यक्षता वाली पीठ ने विनय की यह याचिका खारिज करने का ‌फैसला लिया। इसके बाद विनय के पास फांसी से बचने का कोई अन्य विकल्प नहीं बचता है।

मानसिक स्थिति बिगड़ने का दिया गया था हवाला

गौरतलब है कि उच्चतम न्यायालय में दोषी विनय शर्मा के वकील ने याचिका दायर करते हुए यह दावा किया था कि तिहाड़ जेल में विनय को यातना दी जाती थी जिसके चलते उसकी मानसिक स्थिति बिगड़ चुकी है। साथ ही याचिका में मौत की सजा को बदलकर उम्रकैद करने का अनुरोध किया गया था। हालांकि न्यायालय ने फैसला सुनाते हुए कहा कि विनय की दिमागी हालत पूरी तरह से ठीक है और उसकी मेडिकल स्थिति स्थिर है।

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