18 और 19 अगस्त दो दिन दिन रखा जाएगा जन्माष्टमी का व्रत

कोलकाता : जन्माष्टमी का पर्व हर साल देशभर में पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। इस दिन भगवान श्री कृष्ण का जन्म हुआ था। इस दिन मंदिरों में झाकियां सजाई जाती हैं। साथ ही, घर और मंदिरों में लड्डू गोपाल को झूला झुलाया जाता है। हर साल भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को जन्माष्टमी का पर्व मनाया जाता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार इस बार दो दिन जन्माष्टमी मनाई जाएगी। ऐसे में लोगों को व्रत को लेकर कंफ्यूजन हो रहा है। आइए जानें किस दिन रखें आप लोग व्रत और इस दिन के शुभ योग…
इस दिन रखा जाएगा जन्माष्टमी व्रत
हिंदू पंचाग के अनुसार अष्टमी तिथि का आरंभ 18 अगस्त शाम 9 बजकर 21 मिनट से हो रहा है और तिथि का समापन 19 अगस्त 10 बजकर 59 मिनट पर होगा। ऐसे में गृहस्थ लोगों के लिए 18 अगस्त को ही जन्माष्टमी का व्रत रखा जाएगा। वहीं, 19 अगस्त को साधू-संत और वैष्णव समाज के लोग जन्माष्टमी का व्रत रखेंगे। श्री कृष्ण का जन्म अष्टमी तिथि को रोहिणी नक्षत्र में हुआ था।
जन्माष्टमी पर बन रहे हैं शुभ योग
हिंदू पंचाग के अनुसार जन्माष्टमी का दिन बेहद खास है। इस बार जन्माष्टमी पर वृद्धि योग लग रहा है। वहीं, इस दिन अभिजीत मुहूर्त भी रहेगा। बता दें कि इस दिन अभिजीत मुहू्र्त दोपहर 12 बजकर 5 मिनट से लेकर 12 बजकर 56 मिनट तक होगा। इसके साथ ही इस दिन ध्रुव योग भी होगा जो कि 18 अगस्त को 8 बजकर 41 मिनट से शुरू होकर 19 अगस्त रात 8 बजकर 59 मिनट तक रहेगा। वृद्धि योग इस दिन 17 अगस्त दोपहर 8 बजकर 56 मिनट से शुरू होगा और 18 अगस्त 8 बजकर 41 मिनट तक रहेगा। ऐसी मान्यता है कि जन्माष्टमी पर वृद्धि योग में पूजा करने से घर में सुख-संपत्ति में वृद्धि होती है। और मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है।

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