जम्मू-कश्मीर : सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ में एक आतंकी ढेर

army2

श्रीनगर : जम्मू-कश्मीर में सुरक्षाबलों को एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। यहां के सोपोर जिले में बुधवार को सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ हुई, जिसमें लश्कर-ए-तैयबा का एक आतंकी ढ़ेर हो गया। जम्मू-कश्मीर के डीजीपी दिलबाग सिंह ने बताया कि मारे गए आतंकी की पहचान आसिफ हाल के रूप में हुई, वह पिछले एक महीने से घाटी में सक्रिय था और प्रदेश में आतंकी गतिविधियों को अंजाम दे रहा था। इसके अलावा आसिफ लोगों को दुकाने बंद रखने के लिए पोस्टर लगाकर धमकी देता था। साथ ही उन्होंने बताया कि मुठभेड़ के दौरान आसिफ ने बलों पर ग्रेनेड से हमला किया, जिसमें दो जवान जख्मी हो गए।

कानून व्यवस्था से जुड़े 184 मामले दर्ज किए गए

डीजीपी दिलबाग सिंह ने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद प्रदेश में कानून व्यवस्‍था से संबंधित 184 से अधिक मामले दर्ज किए गए। इन मामलों में पत्‍थरबाजी समेत छह से अधिक हिंसा के मामले दर्ज है। अधिकतर जगहों पर छिटपुट घटना के मामले दर्ज है।

जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में सामान्य स्थिति

गौरतलब है कि अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद जम्मू-कश्‍मीर और लद्दाख को केंद्र शासित प्रदेश बनाने की घोषणा के बाद प्रदेश कि हालात बिगड़े हुए थे, लेकिन अब दोनों राज्यों के दस जिलों की ‌स्थिति बेहतर है। इस बात की जानकारी डीजीपी दिलबाग सिंह ने दी। उन्होंने बताया कि कश्मीर घाटी में स्कूल, कॉलेज और ऑफिस खोल दिए गए हैं। प्रदेश में लगभग 90 फीसदी से अधिक क्षेत्रों में किसी भी तरह का प्रतिबंध नहीं है, सभी इलाकों में 100 फीसदी तक टेलीफोन सेवा बहाल कर दी गई है।

बता दें कि हाल ही में जम्‍मू-कश्मीर के सोपोर जिले में एक घर में घुसकर आतंकियों ने गोलीबारी की थी, जिसमें ढ़ाई साल की बच्ची समेत चार लोग घायल हुए थे। पुलिस के अनुसार इस हमले के पीछे आसिफ हाल का हाथ था। घटना के बाद राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने बच्ची को एम्स में भर्ती करने का आदेश दिया था।

शेयर करें

मुख्य समाचार

लोगों में पीओके की आजादी के लिये ‘जुनून’ है : ठाकुर

जम्मू : केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने सोमवार को कहा कि जम्मू-कश्मीर के विशेष दर्जे को समाप्त करने के बाद पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर आगे पढ़ें »

पिछले पांच-छह साल में बढ़े हैं दलितों पर अत्याचार : प्रशांत भूषण

नयी दिल्ली : भीम आर्मी द्वारा आयोजित संवाददाता सम्मेलन में सामाजिक कार्यकर्ता व वकील प्रशांत भूषण ने सोमवार को आरोप लगाया कि पिछले पांच-छह साल आगे पढ़ें »

ऊपर