चैत्र नवरात्रि में ऐसे करें कन्या पूजन

कोलकाताः मां आदिशक्ति की उपासना का पावन पर्व यानी नवरात्रि चल रही है। 02 अप्रैल से शुरू हुआ ये पावन पर्व 11 अप्रैल तक मनाया जाएगा। हिंदू धर्म में नवरात्रि का खास महत्व होता है। चैत्र नवरात्रि में पूरे नौ दिनों तक मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की उपासना का विधान है। इसके अलावा नवरात्रि में अष्टमी और नवमी तिथि का खास महत्व होता है। वहीं, नवरात्रि में कन्या पूजन करने की भी परंपरा है। कन्याओं को साक्षात मां दुर्गा का स्वरूप माना जाता है। दुर्गाष्टमी या फिर नवमी के दिन कन्या पूजन किया जाता है। मान्यता है कि नवरात्रि में कन्या पूजन से मां दुर्गा प्रसन्न होती हैं और भक्तों को सुख समृद्धि का आशीर्वाद देती हैं। इसलिए नवरात्रि में कन्या पूजन करते हैं। ऐसे में चलिए आज जानते हैं कि इस साल चैत्र नवरात्रि में कन्या पूजन किस दिन किया जाएगा और शुभ मुहूर्त कब है….
कन्या पूजन 2022 तिथि और शुभ मुहूर्त कई स्थानों पर लोग दुर्गाष्टमी के दिन ही कन्या पूजन करते हैं, तो कई जगहों पर नवमी के दिन किया जाता है। यहां पर हम आपको दुर्गाष्टमी और नवमी दोनों तिथियों के बारे में बता रहे हैं, जिसके आधार पर आप अपने अनुसार उस दिन शुभ मुहूर्त में कन्या पूजन कर सकते हैं।
दुर्गाष्टमी 2022 इस बार अष्टमी तिथि 09 अप्रैल को पड़ रही है। पंचांग के अनुसार, अष्टमी तिथि 08 अप्रैल की रात 11 बजकर 05 मिनट से शुरू हो रही है। इसका समापन 9 अप्रैल की देर रात 1 बजकर 23 मिनट पर होगा।  साथ ही इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग सुबह 6 बजकर 2 मिनट तक है। इसके बाद सुकर्मा योग दिन में 11 बजकर 25 मिनट से 11 बजकर 58 मिनट तक है। इसके अलावा दिन का शुभ मुहूर्त 11 बजकर 58 मिनट से 12 बजकर 48 मिनट तक है। ऐसे में इन शुभ मुहूर्त में आप कभी भी कन्या पूजन कर सकते हैं।
राम नवमी 2022 ज्यादातर जगहों पर नवमी तिथि को भी कन्या पूजन किया जाता है। इस साल नवमी तिथि का आरंभ 10 अप्रैल की रात्रि 1 बजकर 23 मिनट से हो रहा है, जो 11 अप्रैल सुबह 3 बजकर 15 मिनट तक है। साथ ही इस दिन सुकर्मा योग दोपहर 12 बजकर 4 मिनट तक है। इसके अलावा इस दिन रवि पुष्य योग, रवि योग और सर्वार्थ सिद्धि योग पूरे दिन है। ऐेसे में इस दिन सुबह से ही कन्या पूजन किया जा सकता है।

कन्या पूजन विधि
दुर्गाष्टमी या राम नवमी, जिस दिन भी आप कन्या पूजन करना चाहते हैं उस दिन सबसे पहले मां दुर्गा की पूजा करें। फिर कन्याओं को भोजन पर आमंत्रित करें।

कन्या को घर में पधारने पर आदरपूर्वक उनको आसन पर बैठाएं। इसके बाद साफ जल से उनके पांव पखारें, उनकी फूल, अक्षत् आदि से पूजा करें। इसके बाद घर पर बने पकवान भोजन के लिए दें।
इस दिन हलवा, चना और पूड़ी बनाते हैं। मां दुर्गा स्वरूप कन्याओं को भोजन कराने के बाद दक्षिणा दें और उनके पैर छूकर आशीर्वाद लें। इसके बाद खुशी खुशी उनको विदा करें, ताकि अगले साल फिर आपके घर मातारानी का आगमन हो।

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