कैसा होना चाहिए गर्भवती महिला का कमरा? इन …

कोलकाताः मां बनना हर महिला के लिए काफी खास होता है। इस दौरान महिलाओं को अपना खास ध्यान रखने की जरूरत होती है, ताकि बच्चे का शारीरिक और मानसिक विकास ठीक तरह से हो सके। वास्तु के मुताबिक, हमारे आस-पास की चीजें भी बच्चे पर असर डालती हैं ऐसे में गर्भवती महिला को अपने आस-पास ऐसी चीजें रखनी चाहिए जिसका सकारात्मक प्रभाव बच्चे पर पड़े। ऐसा करने से बच्चा स्वस्थ, संस्कारी और खुशमिजाज होगा। तो आइए जानते हैं वास्तु के अनुसार, कैसा होना चाहिए गर्भवती महिला का कमरा।
मुस्कुराते हुए बच्चे की फोटो
गर्भवती महिला को अपने कमरे में मुस्कुराते हुए बच्चे की फोटो लगानी चाहिए। इस फोटो को वहां लगाएं जहां आपकी नजर बार-बार पड़ती हो। इससे महिला का मन खुश रहता है।

भगवान कृष्ण के बाल स्वरूप की तस्वीर
गर्भवती महिला को अपने कमरे में बाल गोपाल की फोटो या मूर्ति रखनी चाहिए। साथ ही इसे कमरे की ऐसी जगह पर रखें जहां से सुबह उठते ही महिला का ध्यान जाए। ऐसा करने से महिला का मन प्रसन्न रहता है और बच्चे पर भी इसका अच्छा असर पड़ता है।

तांबे की कोई चीज
गर्भवती महिलाएं कमरे में तांबे की धातु से तैयार कोई चीज रख सकते है। मान्यता है कि इससे कमरे में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। साथ ही गर्भवती महिला और बच्चे का बुरी नजर से बचाव रहता है।

इनको कमरे में रखना शुभ संकेत
आप गर्भवती महिला के कमरे में भगवान कृष्ण की बांसुरी और शंख भी रख सकते हैं। ऐसा करने से बच्चा शांत और हंसमुख स्वभाव का होता है। साथ ही आप तांबे की धातु से बनी कोई एक वस्तु भी कमरे में रख सकते हैं। इससे गर्भवती महिला और बच्चे पर बुरी नजर और नकारात्मकता का असर नहीं होता और उसे वह सकारात्मक ऊर्जा में बदल देता है।

पति-पत्नी की ऐसी रखें तस्वीर
वास्तुशास्त्र के अनुसार, गर्भवती महिला के कमरे में पति-पत्नी की हंसती-मुस्कुराती तस्वीरें भी लगानी चाहिए। ऐसा करने से बच्चा अपने माता-पिता के बेहद करीब रहता है। साथ ही गर्भवती महिला हमेशा पॉजिटिव फील करती है और होने वाला बच्चा भी स्वस्थ रहता है। इसके अलावा आप कमरे में पीले चावल रख सकते हैं, ऐसा करना भी शुभ होता है।

इन चीजों से रहें दूर
गर्भवती महिला के कमरे में कभी भी महाभारत, चाकू-छूरी, मायूसी वाली तस्वीरों को नहीं रखनी चाहिए। ऐसी मान्यता है गर्भवती स्त्री को सुई-धागे का काम भी नहीं करना चाहिए, इससे बच्चे की सेहत पर विपरीत प्रभाव पड़ता है।

सकारात्मक किताबें पढ़ें

गर्भवती महिला के कमरे में आप रामायण या श्रीमद्भागवत पुराण भी रख सकते हैं। साथ ही इनके रोज पढ़ने से इसका शुभ असर बच्चे पर पड़ता है। वह बच्चा काफी संस्कारी भी होता है। माना जाता है रोज यह ग्रंथ पढ़ने से बच्चा भगवान की देखरेख में रहता है।

इस तरह के कपड़े पहने

कमरे का रंग हो या कपड़ों का, गर्भवती महिलाओं को लाल, काला और नारंगी ऐसे गहरे रंगों के इस्तेमाल से बचना चाहिए। इसकी जगह हल्के रंगों जैसे- हल्का नीला, पीला, सफेद और हल्के गुलाबी रंगों का इस्तेमाल करना चाहिए। ऐसा इसलिए क्योंकि गहरे रंगों के इस्तेमाल से गर्भवती महिला डिप्रेशन का शिकार हो सकती है। जिसका मां और बच्चे दोनों पर बुरा प्रभाव पड़ सकता है।

 

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