कोरोना वैक्‍सीन लगवाने के बाद नहीं बन पाएंगी मां, जानें क्‍या है सच और झूठ

कोलकाता : कोरोना की वैक्‍सीन आने के बाद इसके प्रभाव को लेकर कई तरह की बातें फैलने लगी हैं जिनमें से एक यह भी है कोविड-19 वैक्‍सीन महिलाओं की फर्टिलिटी पर बुरा असर डाल रही है। आपने भी सोशल मीडिया या कहीं और इस बारे में पढ़ा या सुना होगा कि कोरोना वैक्‍सीन का फर्टिलिटी पर गलत प्रभाव पड़ रहा है। ऐसे में महिलाएं संशय में हैं कि प्रजनन उम्र में वैक्‍सीन लगवानी चाहिए या और अगर वो वैक्‍सीन लगवा लेती हैं तो क्‍या इसका असर उनकी फर्टिलिटी पर पड़ेगा?
– क्‍या थी अफवाह
कोरोना वैक्‍सीन को लेकर यह बात फैली थी इसकी वजह से महिलाओं की फर्टिलिटी में गिरावट आ रही है और उनका मिसकैरेज हो सकता है। इस वजह से प्रजनन उम्र की महिलाएं यह निर्णय नहीं ले पा रही थीं कि उन्‍हें वैक्‍सीन लगवाना चाहिए या नहीं। इस बारे में विशेषज्ञों और डॉक्‍टरों का कहना है कि वैक्‍सीन लगवाना है या नहीं, यह हर महिला का निजी निर्णय होना चाहिए। उन्‍हें वैक्‍सीन के साइड इफेक्‍ट्स के साथ-साथ यह भी जानना चाहिए कि अगर वो प्रेग्‍नेंसी में कोरोना से संक्रमित हो गईं, तो क्‍या होगा l
– क्‍या है सच
विशेषज्ञों की मानें तो कोरोना की वैक्‍सीन महिलाओं की फर्टिलिटी को प्रभावित नहीं कर रही है। इसका प्रेगनेंट होने या कंसीव करने की संभावना पर कोई असर नहीं पड़ता है। कोविड-19 वैक्‍सीन का आर्टिफिशियल इनसेमिनेशन पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता है। डॉक्‍टरों का कहना है कि वैक्‍सीन की बजाय वायरस फ‍र्टिलिटी और कंसीव करने की क्षमता पर असर डालता है।अमेरिकन सोसायटी फॉर रिप्रोडक्टिव मेडिसिन का कहना है कि कोविड-19 की वैक्‍सीन उन महिलाओं को भी लगवानी चाहिए जो प्रेग्‍नेंसी प्‍लान कर रही हैं। इससे उनमें कोरोना की चपेट में आने का खतरा कम होगा।
वैक्‍सीन और फर्टिलिटी का संबंध
अगर आप कंसीव करने की कोशिश कर रही हैं तो इससे पहले वैक्‍सीन लगवा सकती हैं। चूंकि, अभी तक गर्भवती महिलाओं पर वैक्‍सीन का ट्रायल नहीं हुआ है इसलिए प्रेगनेंट होने के बाद आप इसे नहीं लगवा सकती हैं। इसलिए बेहतर होगा कि प्रेग्‍नेंसी से पहले ही टीकाकरण करवा लें। इसके अलावा इस बात का कोई प्रमाण नहीं है कि कोविड-19 की वैक्‍सीन से प्रेग्‍नेंसी के शुरुआती समय में मिसकैरेज या महिला या पुरुष को फर्टिलिटी प्रॉब्‍लम हो सकती है।
– कोरोना वैक्‍सीन के साइड इफेक्‍ट में बुखार हो सकता है और पुरुषों में बुखार की वजह से कुछ समय के लिए स्‍पर्म बनाने में गिरावट आ सकती है लेकिन इसका फर्टिलिटी पर कोई खास असर नहीं पड़ता है। यदि आप प्रेग्‍नेंसी के दौरान वायरस की चपेट में आ जाती हैं, तो आपको आईसीयू में रहना पड़ सकता है या अस्‍पताल में भर्ती होना पड़ सकता है। इससे शिशु को भी खतरा होगा और प्रीटर्म बर्थ का खतरा बढ़ जाएगा। इस बात को समझें कि प्रेग्‍नेंसी के दौरान नहीं बल्कि कंसीव करने से पहले वैक्‍सीन लगवाना आपके बच्‍चे के लिए ज्‍यादा सुरक्षित होगा।
– असमंजस में हैं तो क्‍या करें
अगर आपको कोरोना वैक्‍सीन की सुरक्षा को लेकर चिंता हो रही है, तो इसके जोखिम और फायदों के बारे में अपने डॉक्‍टर से बात करें। उन्‍हें यह भी पूछें कि फर्टिलिटी और शिशु के लिए वैक्‍सीन खतरनाक है या वायरस।वैक्‍सीन लगवाने के बाद भी कोरोना से बचने के नियमों जैसे कि मास्‍क लगाना, सोशन डिस्‍टेंसिंग बनाना, भीड़ से दूर रहना, हाथों को धोना आदि का पालन करें।

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