पंचकुला हिंसा मामले में हनीप्रीत को मिली जमानत

Honeypreet

चंडीगढ़ : पंचकूला हिंसा मामले में बुधवार को डेरा सच्चा सौदा प्रमुख राम रहीम की राजदार और कथित तौर पर गोद ली हुई बेटी हनीप्रीत को सीजेएम न्यायालय से जमानत मिल गयी है। न्यायालय ने इस मामले में पिछले हफ्ते 2 नवंबर को हनीप्रीत समेत 15 आरोपियों पर से राजद्रोह की धारा हटाई थी जिसके बाद हनीप्रीत द्वारा जमानत याचिका दायर की गयी। मामले की अगली सुनवाई 20 नवंबर को होगी।

बुधवार को अंबाला की सेंट्रल जेल से हनीप्रीत रिहा हो गई। हनीप्रीत की रिहाई से पहले सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए गए थे। हनीप्रीत को यह जमानत एक-एक लाख के दो बेल बॉन्ड पर मिली है। पंचकूला सेक्टर 5 थाने के तहत एफआईआर नंबर 345 के तहत उस पर पंचकूला कोर्ट में सुनवाई चल रही थी।

सीजेएम न्यायालय पहुंचाया गया था मामला

जिला न्यायालय ने शनिवार को पंचकुला हिंसा मामले में आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 216, 145, 150, 151, 152, 153 और 120बी के तहत आरोप तय किए। मामले को सीजेएम न्यायालय में स्‍थानांतरित किया गया था। साध्वी यौन शोषण मामले में राम रहीम को सजा होने के बाद 25 अगस्त 2017 को पंचकूला में हिंसा भड़की थी। इसमें 36 लोगों की मौत हो गई थी। दंगा भड़काने के आरोप में पुलिस ने हनीप्रीत को गिरफ्तार कर लिया था।

पुलिस ने पेश की थी 1200 पन्नों की चार्जशीट

शुरुआत में पुलिस द्वारा 1200 पन्नों की चार्जशीट पेश की गयी थी। चार्जशीट के अनुसार आरोपियों में हनीप्रीत, उसकी साथी सुखदीप कौर, राकेश कुमार अरोड़ा, सुरेंद्र धीमान इंसा, चमकौर सिंह, दान सिंह, गोविंद राम, प्रदीप गोयल इंसा और खैराती लाल के नाम शामिल थे जिनपर कई धाराओं के तहत केस दर्ज किए थे।

803 दिन जेल में रही हनीप्रीत

गौरतलब है दुष्कर्म के आरोपी डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम की सजा के बाद, 25 अगस्त 2017 में हरियाणा के पंचकूला में हिंसा हुई थी जिसके बाद हनीप्रीत को जेल भेज दिया गया था। हनीप्रीत कुल 803 दिन तक जेल में रही। पंचकूला हिंसा के बाद से ही पुलिस को हनीप्रीत की तलाश थी, लेकिन 38 दिनों तक पुलिस उसे ढूंढ पाने में नाकाम रही। बाद में पुलिस ने हनीप्रीत को पंजाब से पकड़ा। इसके बाद से वह अंबाला जेल में कैद थी। वहीं से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए उसे सुनवाई में पेश किया जाता था। इस दौरान हनीप्रीत ने न्यायालय में जमानत याचिका भी दायर की थी, लेकिन इसे खारिज कर दिया गया।

रामरहीम को दुष्कर्म और हत्या के आरोप में मिली सजा

गुरमीत राम रहीम को दो महिलाओं संग दुष्कर्म के चलते अगस्त 2017 में 20 साल की जेल की सजा सुनाई गई थी। एक विशेष सीबीआई अदालत ने भी गुरमीत राम रहीम समेत तीन और लोगों को 16 साल पहले एक पत्रकार की हत्या के लिए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।

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