होली की राख के टोटके : हैं बड़े काम के

कोलकाता : ज्‍योत‍िषशास्‍त्र में यूं तो कई टोटके बताये गए हैं। लेक‍िन होल‍िका की राख के उपायों के बारे में कहा जाता है क‍ि ये गजब के होते हैं। कहते हैं क‍ि अगर सच्‍चे मन से इन्‍हें क‍िया जाए तो जीवन की कई सारी समस्‍याएं पलभर में ही सुलझ जाती हैं। ऐसे में जब होली भी करीब है तो आइए जान लेते हैं इनके बारे में..
कार्यक्षेत्र में आ रहीं हो द‍िक्‍कतें अगर
नौकरी करते हों या व्‍यापार अगर आपको कहीं भी द‍िक्‍कतें हो तो आप होली की राख का उपाय कर सकते हैं। मान्‍यता है क‍ि इसके प्रयोग से आपको कार्यक्षेत्र में आने वाली द‍िक्‍कतों से न केवल राहत म‍िलेगी। बल्कि आपको अप्रत्‍याश‍ित लाभ भी म‍िलना शुरू हो सकता है। इसके ल‍िए होलिका दहन के समय होलिका की उल्टी परिक्रमा करते हुए आक की जड़ को उसमें डाल दें। साथ ही प्रार्थना करें क‍ि आपके कार्यक्षेत्र की सारी द‍िक्‍कतें दूर हों और आपको लाभ हो। लेक‍िन ध्‍यान रखें क‍ि ये उपाय आपको अपनी बेहतरी के ल‍िए करना है बजाए क‍ि क‍िसी दूसरे का बुरा सोचने के।
तांत्रिक क्रियाओं से राहत द‍िलाता है यह उपाय
अगर आपको लगता है कि क‍िसी ने आपके ऊपर कोई तांत्रिक क्रिया कर दी है। तो आप होलिका दहन के समय देशी घी में दो लौंग, एक बताशा और एक पान का पत्ता और थोड़ी सी मिश्री को होली जलने वाली आग में डाल दें और उसके अगले दिन होलिका की राख को चांदी के ताबीज में भरकर गले में धारण कर लें। ऐसा करने से आपके ऊपर जो भी तांत्रिक क्रिया होगी वह नष्ट हो जाएगी। मान्‍यता है क‍ि यह ताबीज धारण करने से जातकों को क‍िसी भी तरह की ऊपरी शक्ति या तांत्रिक क्रियाओं का भय नहीं रहता।
धन संबंधी हो परेशानी तो करें ये टोटका
अगर आपको व्‍यापार में लगातार धन हानि का सामना करना पड़ रहा हो। या फ‍िर आपको न‍िवेश संबंधी कारोबार में हान‍ि हो रही हो। या फ‍िर क‍िसी ने धन ल‍िया हो लेक‍िन लौटा न रहा हो तो होली के द‍िन राख का टोटका करें। इसके ल‍िए आप होली जलने वाले स्थान पर अनार की कलम से उस व्यक्ति का नाम लिख दें और उस पर हरा गुलाल छिड़क दें। इसके बाद जब होलिका जल जाए तो उस जगह की राख को किसी बहते जल में प्रवाहित कर दें। मान्‍यता है क‍ि ऐसा करने से धन से संबंध‍ित सारी द‍िक्‍कतें दूर हो जाती हैं।

शेयर करें

मुख्य समाचार

रामनवमी कल, कैसे करें श्रीराम की पूजा? जानें सही विधि और शुभ मुहूर्त

कोलकाता : शास्त्रों की मानें तो चैत्र शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को ही दोपहर के समय प्रभु श्रीराम का जन्म हुआ था। इसलिए, चैत्र आगे पढ़ें »

माध्यमिक परीक्षा को लेकर अनिश्चियता, मगर पर्षद ने शुरू की तैयारी

सन्मार्ग संवाददाता कोलकाता : कोरोना काल के बीच राज्य में सभी सरकारी स्कूलों में गर्मी की छुट्टियां दे दी गयी हैं। इस बीच, राज्य में 1 आगे पढ़ें »

ऊपर