सबसे ज्यादा रिटर्न इक्विटी से मिलेगा : तनवी

आनंद राठी ग्रुप की वाइस प्रेसिडेंट तनवी कंचन से सन्मार्ग की विशेष बातचीत
विशेष संवाददाता

कोलकाता : शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव अगले कुछ महीने और जारी रह सकता है, किन्तु आने वाले 3 से 5 सालों में इक्विटी ही सबसे अधिक रिटर्न देगी। रियल एस्टेट या सोने की तुलना में शेयर बाजार तेजी से वेल्थ क्रिएशन करेगा। यह कहना है आनंद राठी ग्रुप की वाइस प्रेसिडेंट तनवी कंचन का। उन्होंने शेयर बाजार, अर्थव्यवस्था, निवेश आदि पर सन्मार्ग से विस्तार से बात की।
ग्रुप के बारे में उन्होंने बताया कि आनंद राठी विस्तार के कई आयामों पर समानांतर काम कर रहा है। जनरेशन अल्फा से जुड़ने के लिए अब इंस्टाग्राम, यू-ट्यूब, सोशल मीडिया के लिए स्पेशल विंग काम कर रही है। आईपीओ आने के बाद से आनंद राठी ने अच्छी ग्रोथ दिखाई है, शेयर बाजारों में गिरावट के बावजूद आनंद राठी के शेयरधारक मुनाफे में हैं। कंपनी ने 18-20 प्रतिशत चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर (सीएजीआर) दिखाया है और हर वर्ष इतनी ही आर्थिक वृ​द्धि की योजना पर चल रही है। उच्च आय वर्ग के लिए विशेष योजनाएं लाई जा रही हैं। एनआईआर के लिए गिफ्ट सिटी में विशेष विंग बनाई गई है।
उतार-चढ़ाव से न घबराएं निवेशक
तनवी की राय है कि शेयर बाजारों में आई गिरावट से निवेशकों को नहीं घबराना चाहिए, बल्कि इसे ब्लू चिप कंपनियों में निवेश के मौके के तौर पर देखना चाहिए। घबराकर घाटे में निवेश निकालने से बेहतर है लंबे समय तक निवेश करके अच्छा रिटर्न पाना। उन्होंने कहा कि अब विदेशी निवेशकों का उतना प्रभाव नहीं रह गया है, अब भारतीय निवेशक बाजार को संभाल रहे हैं। आम जनता में शेयर बाजारों को लेकर जागरुकता तेजी से बढ़ी है। कुछ ही महीनों में नए निवेशकों की संख्या 47 प्रतिशत तक बढ़ी है। म्यूचुअल फंड और एसेट मैनेजमेंट कंपनियों की प्रबंधनाधीन सं​पत्ति (एयूएम) रिकॉर्ड स्तर पर है और निरंतर बढ़ रही है। म्यूचुअल फंड या एसआईपी के ​जरिये निवेश से अच्छे रिटर्न की उम्मीद की जा सकती है।
कोलकाता में और विस्तार की तैयारी
तनवी के अनुसार कोलकाता में लोगों के पास पैसे की कमी नहीं है, बस जरूरत है उन्हें सही निवेश का रास्ता दिखाने की। आनंद राठी के कोलकाता में पहले ही तीन ऑफिस हैं और निवेशकों को बेहतरीन सेवा एवं सुविधा के लिए कंपनी तीन ऑफिस और खोलने की तैयारी में है। निवेशकों को उनकी सलाह है कि एक बार में अपनी संपत्ति का 20% से अधिक इक्विटी में निवेश न करें, बल्कि जब-जब मार्केट नीचे हो, तब निवेश करके अधिक रिटर्न का रास्ता बनाएं। साथ ही, वे 20% निवेश डेट (कर्ज) में करने की सलाह भी देती हैं ताकि जब भी बाजार में उतार-चढ़ाव नजर आए तो डेट से आपकी आय बनी रही। फिक्स डिपॉजिट में रिटर्न लगभग महंगाई दर के बराबर ही है, इसलिए उसकी बजाय अन्य एसेट में निवेश के विकल्प देखने चाहिए। निःसंदेह, रियल एसेट आदि में निवेश को सेफ माना जाता है, किन्तु अचानक जरूरत होने पर उससे पैसा निकालना बहुत मुश्किल होता है। सोने की कीमतें उच्च स्तर पर हैं, इसलिए उसमें कम समय में अधिक रिटर्न की उम्मीद नहीं की जा सकती।
इन सेक्टर्स में उछाल की उम्मीद
तनवी कहती हैं कि हाल की गिरावट में बैंकिंग और आईटी क्षेत्र सबसे बुरी तरह पिटे हैं। बैंकों के तिमाही नतीजे अच्छे होने के बावजूद इनमें गिरावट नियमन आदि के कारण आई है, इनका कारोबार मजबूत है और इनमें उछाल भी मजबूत रहने की उम्मीद है। आईटी सेक्टर में बहुत तेजी आई थी, इसलिए करेक्शन स्वाभाविक है। एलआईसी के आईपीओ को लेकर उन्होंने कहा कि शॉर्ट टर्म में भले इसमें उतार-चढ़ाव दिखे, किन्तु हमारी रिसर्च टीम भी अपने कस्टमर्स को इसे लंबे समय के लिए खरीदने की सलाह दे रही है।

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