गुप्त नवरात्रि आज से शुरू, जानें घटस्थापना का मुहूर्त और पूजन विधि

कोलकाताः नवरात्रि वर्ष में चार बार मनाई जाती है। चैत्र नवरात्रि और शारदीय नवरात्रि के अलावा दो बार गुप्त नवरात्रि भी आते हैं। गुप्त नवरात्रि माघ और आषाढ़ मास में आते हैं। गुप्त नवरात्रि गोपनीय साधनाओं के लिए ज्यादा महत्वपूर्ण मानी जाती है। इसमें शक्तियों को प्राप्त किया जा सकता है। बाधाओं का नाश करने का वरदान भी मांगा जा सकता है। इस बार माघ महीने की गुप्त नवरात्रि 22 जनवरी से 30 जनवरी तक रहने वाली है।

  • माघ गुप्त नवरात्रि में घटस्थापना का मुहूर्त
    गुप्त नवरात्रि की घटस्थापना प्रतिपदा तिथि को की जाती है। हिंदू पंचांग के अनुसार, माघ माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि 22 जनवरी को रात 02 बजकर 22 मिनट से लेकर 22 जनवरी को रात 10 बजकर 27 मिनट तक रहेगी। ऐसे में घटस्थापना 22 जनवरी की सुबह ही की जाएगी। इस दिन घटस्थापना का शुभ मुहूर्त सुबह 09 बजकर 59 मिनट से लेकर सुबह 10 बजकर 46 मिनट तक रहेगा।
  • सामान्य और गुप्त नवरात्रि में अंतर
    सामान्य नवरात्रि में आमतौर पर सात्विक और तांत्रिक पूजा दोनों की जाती है, जबकि गुप्त नवरात्रि में ज्यादातर तांत्रिक पूजा की जाती है। गुप्त नवरात्रि में आमतौर पर प्रचार-प्रसार नहीं किया जाता है। इसमें साधना को गोपनीय रखा जाता है। गुप्त नवरात्रि में पूजा और मनोकामना जितनी ज्यादा गोपनीय होगी, सफलता उतनी ही ज्यादा मिलेगी।
  • गुप्त नवरात्रि में मां की पूजा विधि
    गुप्त नवरात्रि में सामान्य नवरात्रि की तरह नौ दिनों के लिए कलश की स्थापना की जा सकती है। कलश की स्थापना करने वालों को दोनों वेला मंत्र जाप, चालीसा या सप्तशती का पाठ करना चाहिए। दोनों ही समय आरती भी करना अच्छा होगा। मां को दोनों वेला भोग भी लगाएं। इसमें लौंग और बताशा सबसे सरल और उत्तम भोग माने जाते हैं। मां के लिए लाल फूल सर्वोत्तम होता है। देवी को आक, मदार, दूब और तुलसी बिलकुल न चढ़ाएं। पूरे नौ दिन अपना खान पान और आहार सात्विक रखें।
  • शीघ्र रोजगार के लिए उपाय
    गुप्त नवरात्रि में देवी के समक्ष घी का दीपक जलाएं। नौ बताशे लें और हर बताशे पर दो लौंग रखें। अब सारे बताशे एक-एक करके देवी को अर्पित करें। यह प्रयोग नवरात्रि में किसी भी रात कर सकते हैं। देवी के समक्ष रोज एक घी का दीपक जलाएं। इसके बाद उनको रोज लाल फूलों की माला अर्पित करें। शीघ्र विवाह की प्रार्थना करें। यह प्रयोग नवरात्रि की हर रात्रि को करें।
  • धन प्राप्ति के लिए उपाय
    पूरी गुप्त नवरात्रि में मध्य रात्रि को मां लक्ष्मी की उपासना करें। उनके सामने घी का दीपक जलाकर श्री सूक्तम का पाठ करें। पूरी नवरात्रि में सात्विक रहने का प्रयास करें।

 

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