गोधूलि बेला में किए गए ये 5 काम बनते हैं दरिद्रता का कारण, ना करें इन्हें करने की गलती

कोलकाताः धर्म शास्‍त्रों में बताई गई बातें व्यक्ति के जीवन को बहुत प्रभावित करती हैं। धर्म शास्‍त्रों में दिनभर में काम करने से जुड़े कई नियम बताए गए हैं जिनका अनुसरण किया जाए तो जीवन में सकारात्मकता का संचार किया जा सकता हैं। ऐसे ही कुछ नियम गोधूलि बेला (जब सूर्य ढल रहा होता है) से जुड़े भी बताए गए हैं। गोधूलि बेला को बेहद शुभ समय माना जाता हैं। लेकिन इस समयावधि में कुछ काम करने वर्जित बताए गए हैं क्योंकि ये आपके जीवन में आने वाली दरिद्रता का कारण बनते हैं। तो आइये जानते हैं इन कामों के बारे में।
भूलकर भी न दें किसी को पैसे
शाम के वक्‍त अगर आपसे कोई पैसे मांगने आए तो भूलकर भी उसे उधार न दें। शास्‍त्रों में ऐसा शाम के वक्‍त करने को मना किया गया है। माना जाता है कि गोधूलि बेला में किसी को पैसे उधार देने से मां लक्ष्‍मी नाराज हो जाती हैं और घर से रुष्‍ट होकर चली जाती हैं। ऐसे घरों में फिर अलक्ष्‍मी यानी दरिद्रता पैर पसारने लगती है। भूलकर भी किसी व्‍यक्ति को शाम के वक्‍त उधार न दें।
शाम के वक्‍त तुलसी को न करें स्‍पर्श
शास्‍त्रों में ऐसा बताया गया है कि शाम के वक्‍त यानी गोधूलि बेला में तुलसी को स्‍पर्श नहीं करना चाहिए और न ही उसमें जल चढ़ाना चाहिए। शाम के वक्‍त तुलसी के पेड़ के नीचे घी का दीपक जलाकर पूजा करनी चाहिए। ऐसा करने से पॉजिटिव एनर्जी चली जाती है और घर में गरीबी और दुर्भाग्य आता है।
दूध या दही
शाम के वक्‍त यानी जब सूर्यास्‍त का वक्‍त हो तो यदि कोई आपसे दही या फिर दूध मांगने आए तो उसे नहीं देना चाहिए। दही और दूध श्‍वेत होने के कारण चंद्रमा और मां लक्ष्‍मी को दर्शाते हैं तो शाम के वक्‍त इनको उधार देने से मां लक्ष्‍मी और उनका भाई माने जाने वाले चंद्रदेव नाराज हो जाते हैं। मां लक्ष्‍मी के नाराज होने से आपको धन कमी का सामना करना पड़ता है तो वहीं चंद्रदेव के नाराज होने से व्‍यक्ति को सर्दी जुकाम आदि समस्‍याएं होने लगती हैं।
बच्‍चे न करें पढ़ाई
शाम के वक्‍त यानी जब सूर्य ढल रहा हो तो बच्‍चों को पढ़ाई नहीं करनी चाहिए। शास्‍त्रों में इस वक्‍त पढ़ाई करने की मनाही की गई है। ऐसा करने से छात्रों की बुद्धि का क्षय होता है और मां लक्ष्‍मी के साथ मां सरस्‍वती भी दूर चली जाती हैं। शाम के वक्‍त बच्‍चों को श्‍लोक और मंत्रों के बारे में बताना चाहिए। ऐसा करने से उनके मन में आध्‍यात्‍म का भाव जागृत होता है और अच्‍छे संस्‍कार आते हैं।
पति और पत्‍नी भी रखें संयम
शाम के वक्‍त पति और पत्‍नी को भी ब्रह्म चर्य के नियमों का पालन करना चाहिए और भूल से भी इस वक्‍त संबंध नहीं बनाने चाहिए। इस वक्‍त संबंध बनाने में मां लक्ष्‍मी नाराज हो जाती हैं और आपके घर का माहौल खराब हो जाता है। गोधूलि बेला का समय ध्‍यान और साधना का वक्‍त होता है और ऐसे में यह काम करना बहुत ही गलत माना जाता है। माना जाता है इस वक्‍त के संबंध से पैदा हुई संतान भी सुलक्षण वाली नहीं होती है।

 

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