मुंबई हमलों के मास्टरमाइंड है आजाद,गंभीर नहीं पाकिस्तान-विदेश मंत्रालय

नई दिल्ली : विदेश मंत्रालय की ओर से पाकिस्तान पर हमला बोलते हुए शुक्रवार को कहा गया कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय भली-भांति समझता है कि मुंबई आतंकी हमले (26/11 हमले) के अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करने को लेकर भारत का पड़ोसी देश पाकिस्तान गंभीर नहीं है। जमात-उद-दावा का सरगना हाफिज सईद जो कि मुंबई हमले का मास्टरमाइंड है, वह पाकिस्तान में आजाद घूम रहा है।

पाकिस्तान में मुंबई आतंकी हमले के ट्रायल को लेकर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा, ‘‘हम सभी जानते हैं कि हमले के अपराधी कौन थे। हम जानते हैं कि मास्टरमाइंड कौन हैं। यह भी जानते हैं कि इस हमले का मास्टरमाइंड बेरोकटोक घूम रहा है।’’

9 आतंकियों को मार गिराया था

साल 2008 में लश्कर-ए-तैयबा के 10 आतंकियों ने पाकिस्तान से समुद्री रास्ते के जरिए मुंबई में घुसपैठ की और ताज होटल पर आतंकी हमला किया था। इस आतंकी हमले में 166 लोगों को मार दिया गया था और 300 से अधिक लोग घायल हो गए थे। हमले में आतंकियों की ओर से गोलीबारी के दौरान कई बम धमाके भी किए गए थे। मौके पर पहुंचे सुरक्षा बलों ने 9 आतंकियों को मार गिराया था। अजमल कसाब को जिंदा पकड़ा गया था, जिसे बाद में फांसी दे दी गई।

इस मामले में पाकिस्तानी अधिकारियों ने लश्कर के ऑपरेशन कमांडर जकीउर रहमान लखवी सहित सात लोगों को गिरफ्तार किया था, जो कि 166 लोगों की जान लेने वाले हमलों की योजना बनाने, वित्तपोषण करने और उन्हें अंजाम देने में शामिल थे। हालांकि, उनका मुकदमा कई सालों से रुका हुआ है और लखवी को 2015 में जमानत पर रिहा कर दिया गया था।

दोनों देशों की आपसी बातचीत जारी

अपने पड़ोसी देश को खरी-खरी सुनाने के साथ ही भारत ने पाकिस्तान से कहा है कि कुलभूषण जाधव को ”तत्काल, प्रभावी और निर्बाध राजनयिक पहुंच दी जाए”। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने शुक्रवार को कहा कि कुलभूषण जाधव के मामले पर राजनयिक चैनलों के जरिए भारत पड़ोसी देश के संपर्क में है। दोनों देशों की आपसी बातचीत जारी है। देखते हैं पाकिस्तान की ओर से इस मामले में क्या प्रतिक्रिया आती है।

पाकिस्तान ने सितंबर में कहा था कि जाधव को दूसरी राजनयिक पहुंच नहीं दी जाएगी जिसके बाद भारत ने कहा था कि वह इस मामले में अंतरराष्ट्रीय न्यायालय (आईसीजे) द्वारा दिए गए फैसले के आधार पर अपनी ओर से प्रयास जारी रखेगा। भारतीय उच्चायोग के प्रभारी गौरव अहलूवालिया ने 2 सितंबर को इस्लामाबाद में जाधव से मुलाकात की थी। इस मुलाकात के बाद विदेश मंत्रालय ने बताया था कि जाधव काफी दबाव में थे।

जाधव को सुनाई थी मौत की सजा

दरअसल पाकिस्तान की सैन्य अदालत ने जाधव पर जासूसी और आतंकवाद के आरोप लगाते हुए अप्रैल 2017 में उन्हें मौत की सजा सुनाई थी। इसके कुछ सप्ताह बाद भारत ने अंतरराष्ट्रीय न्यायालय (आईसीजे) का दरवाजा खटखटाया और राजनयिक पहुंच की मांग को लेकर जाधव की मौत की सजा को चुनौती दी थी। इस मामले में 17 जुलाई को अपने फैसले में आईसीजे ने पाकिस्तान को जाधव की सजा की समीक्षा करने का आदेश दिया। साथ ही देरी न करते हुए उन्हें राजनयिक पहुंच देने के लिए कहा था।

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