पूर्व मंत्री चौथी पत्नी को तीन तलाक देने के बाद करने जा रहे थे छठवीं शादी, हुए गिरफ्तार

आगरा: उत्तर प्रदेश के पूर्व मंत्री चौधरी बशीर को तीन तलाक के मामले में आगरा पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इससे पहले बशीर ने अग्रिम जमानत के लिए कोर्ट का दरवाजा खटखटाते हुए याचिका दाखिल की थी, लेकिन उन्हें वहां से भी मायूसी हाथ लगी और याचिका को कोर्ट ने खारिज कर दिया था। बसपा सरकार में मंत्री रह चुके है चौधरी बसीर पर के खिलाफ करीम नगर निवासी नगमा ने 31 जुलाई को मंटोला थाने में तीन तलाक का मुकदमा दर्ज कराया था।

करने जा रहे थे छठी शादी

नगमा ने अपनी शिकायत में कहा था, ‘उनका निकाह 11 नवंबर 2012 को चौधरी बशीर से हुआ था, उनके दो बेटे हैं और वह उनका मानसिक और शारीरिक उत्पीडऩ कर रहे हैं। नगमा ने बताया कि इसके खिलाफ वह तीन साल से मायके में रहकर कानूनी लड़ाई लड़ रही हैं। पीड़ित महिला के अनुसार, 23 जुलाई को चौधरी बशीर के छठवां निकाह करने की जानकारी मिली और जब वह ससुराल गईं तो पूर्व मंत्री ने उसके साथ गाली-गलौज की और तीन तलाक देकर घर से भगा दिया।’

अग्रमि जमानत याचिका हुई खारिज

नगमा ने मामले की शिकायत वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से की तब पूर्व मंत्री के खिलाफ मंटोला थाने में तीन तलाक का मुकदमा दर्ज किया गया। अपने खिलाफ केस दर्ज होने के बाद से ही चौधरी बशीर फरार हो गए थे औऱ पुलिस उनकी तलाश में छापेमारी भी कर रही थी। चौधरी बशीर ने अपने वकील के माध्यम से सत्र न्यायालय में अग्रिम जमानत प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया था, अपर जिला जज प्रथम सुधीर कुमार ने आरोपित द्वारा प्रस्तुत अग्रिम जमानत प्रार्थना पत्र को खारिज करने के आदेश दिए।

 

एडीजीसी राधाकिशन गुप्ता ने पूर्व मंत्री के खिलाफ विभिन्न थानों में दर्ज एक दर्जन से अधिक मुकदमों का आपराधिक इतिहास पेश किया और कहा कि आरोपी का अपराध गंभीर प्रकृति का है। वहीं इस संबंध में सीओ छत्ता दीक्षा सिंह ने बताया कि गुरुवार को पूर्व मंत्री को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।

 

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