पुडुचेरी की उपराज्यपाल डॉ. किरण बेदी को सम्मानित किया गया

सन्मार्ग संवाददाता, कोलकाता : वुमेन इंडियन चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री पूर्वी क्षेत्र परिषद अध्यक्ष मंजुला जैन और उपाध्यक्ष इंदु गांधी और (कलकत्ता चैंबर ऑफ कॉमर्स) अध्यक्ष राजीव माहेश्वरी के कुशल नेतृत्व में पुडुचेरी की माननीय उपराज्यपाल डॉ. किरण बेदी को एक वर्चुअल अधिवेशन के लिए आमंन्त्रित कर सम्मानित किया गया। इस मौके पर डॉ. बेदी ने एक बहुत ही महत्वपूर्ण विषय पर चर्चा की- “चुनाव करें, बलिदान नहीं।” वुमेन इंडियन चेम्बर ऑफ कॉमर्स की संस्थापक अध्यक्ष डॉ. हरबीन अरोरा ने डॉ. किरण बेदी की गर्मजोशी से स्वागत किया और महिला सशक्तीकरण पर मूल्यवान अंतर्दृष्टि दी। डॉ. किरण बेदी के इस लाभदायक व्याख्यान में उन्होंने सुझाव दिया कि महिलाओं को खबरों से अद्यतन रहना चाहिए और इसके लिए सबसे अच्छा माध्यम ऑल इंडिया रेडियो की सुबह की खबर या फिर हमारे मोबाइल फोन हैं। नई नीतियों और इसके निहितार्थों पर चर्चा के लिए सदस्यों की विशेषज्ञों के साथ नियमित बैठकें होनी चाहिए। डॉ. किरण बेदी ने सदस्यों द्वारा पूछे गए प्रश्नों के बहुत ही व्यावहारिक सुझाव दिए। हर महिला को अपनी क्षमता का एहसास होना चाहिए और आत्म-प्रेरित होना चाहिए। महिला सुरक्षा अच्छे प्रशासन से जुड़ी हुई है। वुमेन इंडियन चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री जैसे संगठनों को विशिष्ट समस्याओं के लिए उचित मंच के माध्यम से प्रशासन के लिए महिलाओं की सुरक्षा पर ध्यान देना चाहिए। डॉ. बेदी सकारात्मकता का परिचय देती हैं और अपनी सफलताओं का श्रेय एक दिव्य शक्ति को देती हैं, जो उनका मार्गदर्शन करती है। डॉ. बेदी की प्रेरक यात्रा को दर्शाने वाली नेहा सिंघल द्वारा बनाई गई एक खूबसूरत वीडियो को डॉ. बेदी और सदस्यों ने खूब सराहा। डब्ल्यूआईसीसीआई के पूर्वी क्षेत्र परिषद अपनी प्रेरणादायक बातों के साथ सदस्यों को सशक्त बनाने के लिए और अपने व्यस्त कार्यक्रम से समय निकालने के लिए डॉ. किरण बेदी की बहुत आभारी है।

शेयर करें

मुख्य समाचार

गाजियाबाद : 11 साल के बच्चे ने मांगी 10 करोड़ की फिरौती

गाजियाबाद : पांचवीं क्लास में पढ़ने वाले 11 साल के बच्चे से आप क्या-क्या करने की उम्मीद कर सकते हैं । उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद आगे पढ़ें »

तिरंगे का अपमान नहीं सहेंगे, बहुत हुआ

'तिरंगे का अपमान, नहीं सहेगा हिंदुस्‍तान' नई दिल्‍ली : गणतंत्र दिवस पर दिल्‍ली में हुई हिंसा का असर किसानों के आंदोलन पर दिख रहा है। दिल्‍ली आगे पढ़ें »

ऊपर