भारत-भूटान बॉर्डर बंद होने से डुआर्स के व्यापारी लड़खड़ाये

भूटान के लिए गेट वे है जयगांव
जयगांव से पलायन की हुई शुरुआत
सन्मार्ग संवाददाता
अलीपुरदुआर : गत मार्च महीने से हुए लॉकडाउन के असर से अब भी व्यवसाय जगत उबर नहीं पाया है। कोरोना वायरस के कारण भारत और भूटान का बॉर्डर लॉकडाउन के समय से ही बंद है। ऐसे में भारत और भूटान के बीच व्यापार पर असर पड़ने के साथ ही जयगांव और पूरे डुआर्स में व्यापार एक तरह से ठप हो गया है। भीड़भाड़ और चहल-पहल से भरा रहने वाला देश का ‘तीसरा राज्य’ जयगांव बिल्कुल सूना हो गया है। लगभग 11 महीने हो गये, लेकिन अब तक भारत-भूटान बॉर्डर बंद होने का गहरा असर डुआर्स के लोगों पर पड़ा है।
भारत और भूटान के बीच होता है कराेड़ों का व्यापार
सूत्रों के अनुसार, भारत और भूटान के बीच 9000 करोड़ से अधिक का व्यापार होता है। भूटान के कुल आयात का 84 फीसदी भारत से आता है। वहीं भूटान के कुल निर्यात का 78 फीसदी हिस्सा भारत में आता है जिसमें पश्चिम बंगाल की भूमिका काफी अहम है। एक तरफ भूटान का फुटशिलिंग है तो दूसरी ओर भारत का जयगांव है जिनके बीच व्यापार होता है। भूटान 1500 करोड़ रुपये से अधिक के सामान का निर्यात बांग्लादेश व अन्य देशों को करता है। ये सामान भी बंगाल से होकर ही भेजे जाते हैं। भूटानियों का इस ओर आना बंद होने के कारण व्यापार नहीं हो रहा है।
क्या कहना है व्यवसायियों का
व्यवसायी जयंत मूंधड़ा ने कहा, ‘सीमा बंद रहने के कारण भूटान से जयगांव में सामान नहीं आ पा रहे हैं जिसका गहरा असर पड़ रहा है।’ प्रशासनिक सूत्रों ने बताया कि कोरोना काल से पहले भूटान से भारत की ओर रोजाना लगभग 500 ट्रक आते थे जिनका आना बंद है। अलीपुरदुआर के अलावा बंगाल में जलपाईगुड़ी की सीमा भी भूटान से सटी हुई है। भारत का एक और राज्य असम भी भूटान से सीमा साझा करता है।
होटल इण्डस्ट्री पर भी पड़ा असर
भारत और भूटान बॉर्डर बंद होने के कारण जयंगाव में रिटेल व्यवसाय बंद है। लोगों का आना-जाना बंद रहने के कारण होटल इण्डस्ट्री पर भी इसका गहरा असर पड़ा है। पहले भूटान घूमने आने वाले लोग एक दिन पहले जयगांव आकर अगले दिन पास बनवाकर भूटान में पाराे, थिम्पू जैसे स्थानों पर जाते थे, लेकिन अब बॉर्डर बंद रहने के कारण होटल इण्डस्ट्री भी पूरी तरह ठप है।
जयगांव से पलायन करना हुआ चालू
जानकारी के अनुसार, जयगांव में व्यवसाय पूरी तरह बंद रहने के कारण यहां से लोगों का पलायन शुरू हो चुका है। जयगांव से लोग काम के लिए अलीपुरदुआर, कूचबिहार की ओर पलायन कर रहे हैं। वहीं बिहार, राजस्थान, यूपी के लोग अपने – अपने घरों की ओर लौट रहे हैं। जयगांव में लगभग 4000-5000 व्यवसायी हैं ​जो फिलहाल किसी तरह अपने परिवार का पेट भर रहे हैं।
वैक्सीन लगने के बाद सीमा खुलने की उम्मीद
भारत ने भूटान को वैक्सीन भेज दी है, लेकिन अभी नागरिकाें को वैक्सीन लगाने का काम शुरू नहीं हो पाया है। जयगांव के व्यवसायियों को उम्मीद है कि वैक्सीन लगने के बाद सीमा खोली जा सकती है। हालांकि इसमें भी कुछ महीनों का समय लग सकता है।

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