छठ पर्व में न करें ये 6 गलतियां, छठी मैया होती हैं इनसे नाराज

कोलकाता : नहाय खाय के छठ पूजा का आरंभ हो चुका है और चार दिन तक चलने वाले इस महापर्व का विशेष महत्व है। छठ पूजा में भगवान सूर्य और छठी मैया की पूजा की जाती है। इनकी पूजा में कई चीजों का ध्यान रखा जाता है, जिससे इसकी महत्ता बरकरार रह सके। छठ पूजा सबसे कठिन व्रतों में एक माना जाता है और इस पूजा में गलतियों का कोई स्थान नहीं होता है। मान्यता है कि छठी मैया बहुत उदार मानी जाती हैं और यह अपने भक्तों पर जल्द ही प्रसन्न हो जाती हैं लेकिन पूजा के समय कोई भी गलती से नाराज भी हो जाती हैं। इसलिए छठ पर्व में छठी मैया की पूजा में कुछ बातों का विशेष ध्यान रखा जाता है….
इन चीजों को सबसे दूर रखें
छठ पूजा में सबसे जरूरी चीज होती है पवित्रता। पूजा में पवित्रता का होना बहुत जरूरी है और इस बात का खास ध्यान रखा जाता है। पूजा में शामिल होने वाली हर छोटी-छोटी चीज को गंदे व जूठे हाथों से नहीं छूना चाहिए। यहां तक की दूसरे सामान को छूकर भी छठ पूजा में शामिल होने वाली चीजों को नहीं छूना चाहिए और बच्चों से इन सामान को दूर रखना चाहिए। छठ पूजा के सामान को केवल साफ-सुथरे हाथ से लेना चाहिए।
ऐसी चीजों को न करें मां को अर्पित
छठ पूजा में छठी मैया को चढ़ाने वाली कोई भी जुठलाई और खंडित नहीं होनी चाहिए। अगर पेड़ों पर लगे फल-फूल को भी पशु-पक्षी ने अगर जुठलाया है तो उसको भी माता को अर्पित न करें। फल-फूल हमेशा साफ-सुथरे और शुद्ध होने चाहिए। क्योंकि उनको छठी मैया को प्रसाद के रूप में अर्पित करने का नियम है। साथ ही ध्यान रखें कि छठ पूजा में जो चीज शामिल होती हैं केवल उन्हीं चीजों का प्रयोग में लाएं और अपने मन से किसी भी चीज को न चढ़ाएं। माना जाता है कि एक बार जिस चीज को आप चढ़ाते हैं, उसे फिर हर साल चढ़ाना होता है।
छठ पूजा के समय इस बात का रखें ध्यान
छठ पूजा के प्रसाद को कोई और नहीं बना सकता, इसको केवल व्रत रखने वाले ही बनाते हैं। इसलिए छठ गीत ”मारबो रे सुगवा धनुख से, सुगा गिरे मुरझाए। ऊ जे सुगनी जे रोएली वियोग से, आदित होई ना सहाय॥” में वर्णन किया गया है। सुगवा यानी तोता ने एक बार छठ पूजा में शामिल होने वाली चीज नारियल को जूठा कर दिया था, तब उसको बाण से मार दिया गया था। फिर सुगमी ने तोते के लिए छठी मैया से व्रत करके आराधना की तब मैया ने सुगमा को जीवित कर दिया। इस गीत में छठ पूजा में शामिल होने वाली चीजों की शुद्धता के बारे में भी बताया है।
इन चीजों के सेवन करने से बचें
चार दिन चलने वाले इस महापर्व में जो भी व्रत करता है और उसके परिजन को तामसिक भोजन जैसे लहसुन-प्याज तक के सेवन करने से बचना चाहिए और इस व्रत की शुद्धता तक का ध्यान रखना चाहिए। यहां तक की इन चीजों को घर पर रखने से भी बचें। छठ पूजा में केवल सात्विक भोजन करना चाहिए। लहसुन-प्याज को राक्षसी भोजन माना गया है और व्रत के दौरान इन चीजों के प्रयोग से व्रत की अखंडता और शुद्धता खत्म हो जाती है और पाप के भागीदार बन जाते हैं।
व्रत करने वाले यहां न सोएं
छठ पूजा में कई नियमों का पालन करना होता है क्यों कि इसे साधना और श्रद्धा का पर्व माना गया है। छठ पूजा का व्रत करने वाले व्यक्ति को बैठ, गद्दा या पलंग पर नहीं सोना चाहिए। चार दिन तक व्रत करने वाला व्यक्ति को भूमि पर आसन बिछाकर ही सोने का नियम है। ताकि व्रती अपनी साधना को पूरा कर सके। इस तरह से सोने पर व्यक्ति में शारीरिक और मानसिक रूप से सकारात्मक असर पड़ता है।
इस तरह के डाले का न करें प्रयोग
छठ पूजा में शामिल होने वाली हर चीज नई होने चाहिए, यहां तक की पहले से प्रयोग में लाए जाने वाले बर्तनों का भी शामिल नहीं करना चाहिए। अगर आपको बर्तन धातु के बने हुए हैं तो उनको साफ करके प्रयोग में लाया जा सकता है लेकिन डाला हमेशा नया ही होना चाहिए। अगर कोई व्यक्ति इन चीजों को जुटाने में असमर्थ है तो संपन्न व्यक्ति को उनकी सहायता अवश्य करनी चाहिए।

 

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