भूलकर भी इस तरह न रखें जूते-चप्पल, घर में आता है दुर्भाग्य

कोलकाता : सनातन धर्म में वास्तु शास्त्र को बहुत महत्व दिया गया है। कहा जाता है कि अगर हम चीजों को घर में सही स्थान पर नहीं रखते हैं तो नकारात्मक शक्तियां हावी हो जाती हैं और बनते हुए काम बिगड़ने लगते हैं। साथ ही परिवार दरिद्रता की ओर बढ़ने लगता है। वास्तु शास्त्र में घर में जूते-चप्पल रखने की जगहों के बारे में भी बताया गया है। वास्तु के मुताबिक घर में गलत जगहों पर जूते-चप्पल उतारकर हम खुद ही कंगाली को अपने घर की आमंत्रित कर रहे होते हैं। आइए इस बारे में विस्तार से जानते हैं।
घर के मुख्य द्वार पर जूते-चप्पल न उतारें
वास्तु शास्त्र में कहा गया है कि घर के मुख्य दरवाजे से सकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश होता है। इसलिए मुख्य द्वार को खूबसूरत और मजबूत बनाने पर ज्यादा ध्यान दिया जाता है। लेकिन कई लोग मेन गेट पर ही जूते चप्पल का ढेर लगा देते हैं। यह गलत तरीका है, ऐसा करने से मां लक्ष्मी का आगमन भी रुक जाता है। लिहाजा ध्यान रहे कि घर के मेन गेट के पास भूलकर भी जूते-चप्पल न उतारें।
बेडरूम में जूते-चप्पल रखना अशुभ
बेडरूम में भूलकर भी जूते-चप्पलों की रैक नहीं रखनी चाहिए और न ही उसमें जूते-चप्पल रखने चाहिए। मान्यता है कि ऐसा करने से पति-पत्नी के रिश्तों पर विपरीत असर पड़ता है और घर में कलह का प्रवेश हो जाता है। कई बार तो पति-पत्नी के बीच रिश्ते टूटने की कगार पर पहुंच जाते हैं। जिससे परिवार बर्बाद हो जाते हैं। लिहाजा आप ऐसी गलती कभी न करें।
इस दिशा में ना उतारें जूते-चप्पल
वास्तु शास्त्र के मुताबिक घर में जूते-चप्पलों को किसी भी दिशा में उतारने से बचना चाहिए। विशेषकर पूर्वोत्तर दिशा में तो भूलकर भी जूते-चप्पल नहीं उतारने चाहिए। ऐसा करने से परिवार की आर्थिक स्थिति बिगड़ने लगती है और परिवार कर्ज का शिकार हो जाता है। इसके बजाय आप घर की दक्षिण या पश्चिम दिशा में जूते-चप्पल रख सकते हैं। इन दोनों दिशाओं को इस काम के लिए शुभ माना जाता है।

 

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