दिशोम गुरु शिबू सोरेन ने मनाया 77वां जन्मदिन

रांची: 11 जनवरी को झारखंड के आंदोलनकारी नेता शिबू सोरेन का 77वां जन्मदिन मनाया गया, जिसके लिए उनके आवास पर व्यापक तैयारी की गई। शिबू सोरेन के समर्थक उनके आवास पर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने 77 पाउंड का केक काटा, जिसके बाद समर्थकों ने उन्हें बधाई दी। शिबू सोरेन के आवास पर बधाई देने के लिए राज्य के मंत्री और विधायकों का तांता लगा रहा। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि आज देश के ऐसे शख्सियत का जन्म दिवस है, जिन्हें पूरी दुनिया याद करेगी। जब तक दुनिया रहेगी तब तक उनके पिता दिशोम गुरु शिबू सोरेन का जन्मदिन मनाया जाता रहेगा। मोराबादी में जन्म दिवस मनाने के बाद शिबू सोरेन अपने पुत्र मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और विधायक बसंत सोरेन के साथ सभागार के लिए रवाना हो गए। इस मौके पर मोराबादी आवास पर कार्यकर्ताओं ने ढोल नगाड़ों के साथ शिबू सोरेन का जन्म दिवस मनाया।

तीन किताबों का हुआ विमोचन

‘दिशोम गुरु’ : शिबू सोरेन’ नामक पुस्तक मूलत: उनके जीवन के संघर्ष की गाथा है। पुस्तक में इस बात की विस्तार से चर्चा की गई है कि किन हालात में शिबू सोरेन को स्कूल छोड़ कर महाजनी प्रथा के लिए आंदोलन में उतरना पड़ा। कैसे उन्होंने आदिवासियों को उनकी जमीन पर कब्जा दिलाया और धान काटो आंदोलन चलाया। उनका लंबा समय पारसनाथ की पहाड़ियों और जंगलों में बीता।शिबू सोरेन ने आदिवासी समाज को एकजुट कर सामाजिक बुराइयों को दूर करने का अभियान चलाया। पुस्तक में इस बात का जिक्र है कि कैसे उन्होंने विनोद बिहारी महतो और एके राय के साथ मिल कर झारखंड मुक्ति मोर्चा का गठन किया। उनके राजनीतिक जीवन का भी पुस्तक में विस्तार से वर्णन है।

पुस्तक ‘ट्राइबल हीरो : शिबू सोरेन’ नामक पुस्तक हिंदी का अंग्रेजी में अनुवाद है। तीसरी पुस्तक ‘सुनो बच्चों, आदिवासी संघर्ष के नायक शिबू सोरेन (गुरुजी) की गाथा’ में शिबू सोरेन के संघर्ष को चित्रावली के माध्यम से बच्चों को बताने का प्रयास किया गया है।

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