डिब्रूगढ़ विश्वविद्यालय छात्र संघ ने भाजपा नेताओं को परिसर में प्रवेश नहीं देने का किया फैसला

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डिब्रूगढ़/गुवाहाटी : असम के डिब्रूगढ़ विश्वविद्यालय स्नातकोत्तर छात्र संघ ने रविवार को घोषणा की है कि विवादित नागरिकता (संशोधन) विधेयक के खिलाफ प्रदर्शन को लेकर मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल समेत सत्तारूढ़ भाजपा के किसी भी सदस्य को परिसर में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा। सैकड़ों छात्रों ने विधेयक के खिलाफ विश्वविद्यालय परिसर में मार्च निकालते हुए कहा कि इससे ”असमी समुदाय को भविष्य में नुकसान उठाना पड़ेगा।” छात्र संघ के महासचिव राहुल चेत्रा ने कहा कि उन्होंने सोनोवाल को इस मुद्दे पर उनकी खामोशी के कारण विश्वविद्यालय में प्रवेश नहीं देने का फैसला किया है।

सोनोवाल के फैसले असम को बर्बाद कर देंगे

चेत्रा ने कहा कि ”उन्होंने (सोनोवाल ने) अपना राजनीतिक सफर विश्वविद्यालय से शुरू किया, लेकिन उनके फैसले असम को बर्बाद कर देंगे। यह काफी दुर्भाग्यपूर्ण है कि वह इस मुश्किल समय में भी खामोश हैं। जब तक नागरिकता संशोधन विधेयक को वापस नहीं लिया जाता तब तक हम उन्हें विश्वविद्यालय में प्रवेश नहीं करने देना चाहते।”

इसे लेकर पूर्वोत्तर राज्यों में विरोध प्रदर्शन

चेत्रा ने कहा कि छात्रसंघ ने मुख्यमंत्री के अलावा राज्य के सभी मंत्रियों, भाजपा सांसदों, विधायकों और अन्य नेताओं को भी प्रवेश नहीं देने का फैसला किया है। नागरिकता संशोधन विधेयक पाकिस्तान, बांग्लादेश, अफगानिस्तान के हिन्दुओं, सिखों, बौद्ध, जैन, पारसियों और ईसाइयों को भारत की नागरिकता देने की बात कहता है, भले ही उनके पास कोई उचित दस्तावेज नहीं हों। इसे लेकर पूर्वोत्तर राज्यों में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं।

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