सही जीवनशैली से पाएं उच्च रक्तचाप पर नियंत्रण

हम सब जानते हैं कि उच्च रक्त चाप हृदय रोग ही पैदा नहीं करता, यह मस्तिष्क और गुर्दे की कार्य प्रणाली पर भी बुरा असर डालता है। इस रोग से हम बच सकते हैं बशर्ते हम अपनी जीवनशैली में थोड़ा परिवर्तन लाएं।
विशेषज्ञों के अनुसार वजन पर नियंत्रण रखकर और नियमित व्यायाम के द्वारा हम रक्तचाप को सामान्य रख सकते हैं। जीवनशैली में थोड़ा परिवर्तन लाकर हम रक्तचाप को सामान्य रखने वाली दवाओं के सेवन से भी बच सकते हैं। आइए जानें कि ये परिवर्तन क्या हैं।
– सामान्य रक्तचाप और स्वस्थ हृदय के लिए सोडियम का सेवन कम करें। नमक का अधिक मात्रा में सेवन रक्त नलिकाओं को नुक्सान पहुँचाता है। हमारे शरीर को सुचारू रुप से कार्य करने के लिए थोड़ी मात्रा में सोडियम की आवश्यकता होती है पर यह मात्रा न के बराबर होती है। प्रतिदिन एक चौथाई चम्मच नमक में मौजूद सोडियम हमारे शरीर के लिए पर्याप्त है। शोधों से भी यह सामने आया है कि जब व्यक्ति सोडियम के सेवन में कमी लाता है तो उसका उच्च रक्तचाप कम होने लगता है।
– जहाँ एक ओर सोडियम रक्त धमनियों को क्षति पहुँचाता है, वहीं सोडियम द्वारा की गई क्षति को पोटेशियम कम कर सकता है, इसलिए पोटेशियम का सेवन अधिक मात्रा में करके आप अपने को इस स्थिति से उबार सकते हैं। पोटेशियम के आदर्श स्रोत हैं केला, आलू, अखरोट, हरी सब्जियाँ, साबुत अनाज, खजूर, मक्खन रहित दूध, बैंगन व टमाटर।
– विशेषज्ञों के अनुसार मछली का सेवन भी रक्तचाप को सामान्य बनाए रखने के लिए अच्छा है। मछली में मौजूद ओमेगा 3 फैटी एसिड व प्रोटीन रक्त धमनियों के स्वास्थ्य के लिए अच्छे हैं। इसके अतिरिक्त लहसुन का सेवन भी उच्च रक्तचाप को कम करने में सहायक है क्योंकि इसके सेवन से शरीर में एक ऐसे एंजाइम की मात्रा सही स्तर पर रहती है जो उच्च रक्तचाप होने से रोकता है।
– मोटापा भी उच्च रक्तचाप का एक कारण है। ज्यादा चर्बी से हृदय धमनी को क्षति, दिल का दौरा पड़ने, मधुमेह जैसे रोग हो सकते हैं, इसलिए अपने वजन पर नियंत्रण रखकर अपनी रक्त धमनियों पर पड़े तनाव को घटाएं और रक्त मार्ग रुकने की संभावना भी कम करें। इसलिए भोजन के मामले में अपनी प्राथमिकताएं तय करें। यह मानकर चलिए कि आपके स्वास्थ्य का सबसे बड़ा शत्रु है वसा और वसा का सेवन न करने से आप मोटापे पर नियंत्रण रख सकते हैं, इसलिए मक्खन, मलाई, तली हुई चीजों से बचें व कम वसायुक्त दूध, फल, सब्जियां, साबुत अनाज, रेशेयुक्त खाद्य पदार्थों का सेवन ही करें। अगर मोटे व्यक्ति कम वसायुक्त भोजन करें तो वे अपने वजन में स्थायी रूप से कमी ला सकते हैं।
– नियमित व्यायाम भी उच्च रक्तचाप में कमी लाता है।
– धूम्रपान व अल्कोहल का सेवन न करें। धूम्रपान अच्छे कोलेस्ट्रोल (एच डी एल) के स्तर में गिरावट लाता है और बुरे कोलेस्ट्रोल एल डी एल व रक्तचाप के स्तर में वृद्धि करता है, इसलिए इससे बचें।
– तनाव व क्रोध के कारण भी रक्तचाप बढ़ जाता है, इसलिए इनसे दूर रहने का प्रयत्न करें। तनाव से बचे रहने के लिए मेडिटेशन भी सहायक है। उन लक्षणों को नियंत्रित कीजिए जिससे तनाव व क्रोध उत्पन्न होता है।

 

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