मोदी के संदेश पर कांग्रेस का तंज -इंटरनेट सेवाएं हैं बंद तो कैसे पढ़ेंगे संदेश

नयी दिल्ली : नागरिकता संशोधन विधेयक को लेकर देश के पूर्वोत्तर राज्यों में हिंसात्मक विरोध प्रदर्शन के चलते प्रशासन ने वहां इंटरनेट सेवाएं स्‍थगित कर दी हैं। वहीं, प्रधानमंत्री मोदी ने देश की सदन में इस विधेयक को मंजूरी दिए जाने पर असम में प्रदर्शन के मद्देनजर ट‌्विट किया है जिसमें उन्होंने असम के लोगों को सुरक्षा का आश्वासन दिया है। इस संदेश पर कांग्रेस ने पलटवार करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री का यह संदेश असम के लोग नहीं पढ़ सकते क्योंकि वहां इंटरनेट सेवा बंद है।

इसके साथ ही कांग्रेस ने इस विधेयक को पूरी तरह असंवैधानिक बताते हुए कहा कि उच्चतम न्यायालय में विधेयक के खिलाफ याचिका दायक कर दी गई है।

यह विधेयक उच्चतम न्यायालय जा रहा

कांग्रेस ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल के जरिए मोदी के ट्वीट पर तंज कसते हुए कहा कि, ‘‘असम में हमारे भाई और बहन आपके संदेश को नहीं पढ़ सकते मोदी जी, शायद आप भूल गए होंगे कि उनके यहां इंटरनेट सेवाएं स्‍थगित कर दी गई हैं।’’

वहीं, कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने कहा, ‘‘यह विधायक पूरी तरह से संविधान की भावना के खिलाफ है और इसलिए उच्चतम न्यायालय जा रहा है। इसे चुनौती किसके द्वारा दी जाएगी यह जरूरी नहीं।’’

असम के लोगों की पहचान कोई छीन नहीं सकता

बता दें कि गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ट‌्विट कर असम के लोगों को अश्वासन दिया कि नागरिकता (संशोधन) विधेयक को संसद में मंजूरी मिल जाने से कोई चिंता की बात नहीं, उनके अधिकारों, विशिष्ट पहचान और बेहतरीन संस्कृति को उनसे कोई भी नहीं छीन सकता।

शेयर करें

मुख्य समाचार

केशपुर में वोट लूटे नहीं जाते तो भाजपा की जीत होतीः शुभेंदु

मिदनापुर: एक समय तृणमूल के हेवीवेट नेता माने जाने वाले राज्य के मंत्री रहे शुभेंदु अधिकारी तृणमूल से नाता तोड़ने के बाद भाजपा के होकर आगे पढ़ें »

voter card

तनिक भी मिली लापरवाही तो गिरेगी गाजः चुनाव आयोग

कानून व्यवस्था की रिपोर्ट से असंतुष्ट कहा नहीं मानी आयोग की बात तो कड़ी कार्रवाई सन्मार्ग संवाददाता कोलकाताः चुनाव आयोग ने राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति को आगे पढ़ें »

ऊपर