नागरिकता कानून : असम में कर्फ्यू में कुछ घंटों की ढील, छात्र संगठनों का 3 दिन के सत्याग्रह का ऐलान

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गुवाहाटी : नागरिकता (संशोधन) कानून के विरोध में पूर्वोत्तर के राज्यों में 6 दिन से उग्र प्रदर्शन जारी है। असम में शनिवार को कर्फ्यू में कुछ घंटों की ढ़ील दी गई है। अधिकारियों ने बताया कि गुवाहाटी में सुबह नौ बजे से शाम चार बजे तक कर्फ्यू में ढील दी गई है। वहीं डिब्रूगढ़ में सुबह आठ बजे से दोपहर दो बजे तक ढील दी गई है। उन्होंने बताया कि पुलिस लोगों को इस ढील की जानकारी देने के लिए लाउडस्पीकरों का इस्तेमाल कर रही है। असम में हजारों मुस्लिमों ने नागरिकता कानून के विरोध में शुक्रवार को रैली निकाली। वहीं, नगा स्टूडेंड्स फेडरेशन (एनएसएफ) ने शनिवार को 6 घंटे के लिए बंद बुलाया है। जबकि, ऑल असम स्टूडेंट्स यूनियन (आजसू) ने 3 दिन के लिए सत्याग्रह का ऐलान किया।

स्कूल और कार्यालय अब भी बंद हैं

दिसपुर, उजान बाजार, चांदमारी, सिलपुखुरी और जू रोड सहित कई स्थानों पर दुकानों के बाहर लंबी कतारें नजर आईं। ऑटो-रिक्शा और साइकिल-रिक्शा सड़कों पर नजर आएं लेकिन बसें अब भी नदारद रहीं। शहर में पेट्रोल पंप भी खोल दिए गए हैं, जहां वाहनों की लंबी कतारें दिखीं। हालांकि, स्कूल और कार्यालय अब भी बंद हैं। दूसरी तरफ त्रिपुरा-मेघालय में इंटरनेट सेवाएं अभी भी बंद

रेलवे ने यात्रियों के लिए चलाई स्पेशल ट्रेनें

बता दें कि गुवाहाटी में फंसे पर्यटकों और यात्रियों के लिए रेलवे ने स्पेशल ट्रेनें चलाई हैं। यह गाड़ियां यहां फंसे हुए यात्रियों को राज्य के अन्य सुरक्षित स्टेशनों तक पहुंचाएंगी, जहां से वह अपने घर के लिए जा सकेंगे। उत्तर-पूर्वी सीमांत रेलवे के जनसम्पर्क अधिकारी ने यह जानकारी दी। शुक्रवार को भी फुर्कटिंग और डिब्रूगढ़ के बीच स्पेशल ट्रेन चलाई गई थी।

इन 5 राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने कहा- कानून लागू नहीं होने देंगे

गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल, पंजाब, केरल, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्रियों ने कहा है कि वे अपने राज्य में नागरिकता कानून को लागू नहीं करेंगे। इस पर केंद्र के एक अधिकारी ने न्यूज एजेंसी से कहा कि केंद्रीय कानून को लागू करने से राज्य इनकार नहीं कर सकते। वहीं, पूर्वोत्तर में विरोध को दखते हुए गृह मंत्री अमित शाह का शिलॉन्ग दौरा भी रद्द कर दिया गया है। उन्हें रविवार को यहां एक कार्यक्रम में शामिल होना था।

छात्र संगठन और तृणमूल कानून के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट गए

मालूम हो कि नागरिकता कानून के विरोध में आंदोलन की अगुवाई कर रहे छात्र संगठन ऑल असम स्टूडेंट यूनियन ने इस कानून के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। संगठन के मुख्य सलाहकार समुज्जल भट्टाचार्य ने कहा कि भाजपा सरकार ने असम के लोगों के साथ धोखा किया। इसके अलावा तृणमूल सांसद महुआ मित्रा ने भी सुप्रीम कोर्ट में नागरिकता कानून को चुनौती दी है। दूसरी तरफ भाजपा दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, कोलकाता, गुवाहाटी और लखनऊ में 14-18 दिसंबर के बीच नागरिकता संशोधन कानून को लेकर जागरूकता अभियान चलाने का ऐलान किया है।

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