कल से शुरू हो रहा आस्‍था का महापर्व छठ, भूलकर भी न करें ये काम

कोलकाताः कल नहाय-खाय के साथ आस्‍था का महापर्व शुरू हो रहा है। यह त्योहार पूरे भारत में हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। इस दौरान महिलाएं व्रत रखती हैं और परिवार के सदस्यों की समृद्धि, सफलता और कल्याण के लिए भगवान सूर्य से प्रार्थना करती हैं। छठ पर्व ऊर्जा के देवता भगवान सूर्य की आराधना के लिए मनाया जाता है। ऐसी मान्यता है कि भगवान सूर्य की पूजा करने से सभी रोगों का नाश होता है। हालांकि, इस दौरान व्रत करने वालों को कुछ बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए।
आशीर्वाद
छठ पूजा के दौरान किसी भी शुभ अनुष्ठान में शामिल होने से पहले स्नान जरूर करें। इस दौरान परिवार में अपनों से बड़ों का आशीर्वाद लें। शरीर को अच्छे से साफ करने यानी कि हाथ-पैरों को धोने के बाद ही भोग या प्रसाद बनाएं।
व्रत कथा
भगवान सूर्य को दूध और जल अर्पित करें। छठी माता की पूजा करने के लिए प्रसाद से भरे सूप का इस्तेमाल करें। रात के समय में व्रत कथा सुनना न भूलें। व्रत के समापन पर शरबत पी सकते हैं और छठी माता को चढ़ाए जाने वाले प्रसाद का सेवन कर सकते हैं।
स्नान
कभी भी भगवान सूर्य और छठी माता को चढ़ाने से पहले प्रसाद का सेवन न करें। बिना स्नान किए पूजा के लिए बनाई गई किसी भी चीज को छूने से बचें। छठ पूजा के चारों दिन मांसाहार का सेवन न करें। इसके साथ ही पूजा अनुष्ठानों और समारोहों में शराब या धूम्रपान भी न करें।
नमक
भगवान सूर्य और छठी माता को चढ़ाए जाने वाले प्रसाद में साधारण नमक का प्रयोग न करें और लहसुन और प्याज के सेवन से भी बचें। पूजा के लिए हमेशा नई टोकरी का इस्तेमाल करें। पूरे पर्व के दौरान किसी से भी अभद्र भाषा में बात न करें।

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