मजा ले सकते हैं गर्मी का भी

भारत उष्ण देश होने के कारण अधिक समय तक हमें गर्म वातावरण में रहना पड़ता है। सेहत के लिये अच्छे माने वाले ठंडे दिन कम होते हैं। अधिकता गर्मी के दिनों की होती है इसलिए हमें इन दिनों अपने खान-पान और बाहर जाते समय कुछ बातों पर विशेष ध्यान देना चाहिए। जीवन एक अनमोल देन है। इसे जितना खुश होकर जीएंगे, उतना अधिक मजा आएगा। उम्र बेशक अधिक लंबी न हो पर निरोग, स्वस्थ और सुखी होनी चाहिए। अनमोल जीवन को संभाल कर रखने की जिम्मेदारी सबको भली प्रकार से निभानी चाहिए।
– ग्रीष्म ऋतु में आवश्यक काम होने पर ही बाहर निकलें। बाहर निकलते समय छाता, चश्मा और टोपी अवश्य पहन कर जायें।
– ग्रीष्म ऋतु में बाहर निकलने से पहले घर से ठंडा पानी पीकर निकलें। बाहर से घर आने पर एकदम ठंडा जल न पीयें। थोड़ा विश्राम कर ठंडा पानी पीएं।
– फलों में मीठा खरबूजा, तरबूज, केला, मीठे आम, अंगूर, शहतूत का सेवन करें।
– हरा घीया, बथुआ और चौलाई का साग, करेला, परवल, लाल टमाटर, ककड़ी, पुदीने, प्याज की चटनी सब्जी के रूप में खाएं।
– उष्ण प्रकृति के आहार का सेवन न करें। इसके सेवन से मुंह में छाले और मुंहासे अधिक हो जाते हैं। ग्रीष्म ऋतु में पेट की कोई दवा अवश्य घर पर रखें। पेट दर्द, उल्टी, दस्त होने पर इसका सेवन दी गई विधिनुसार कर सकते हैं। प्रात: उठकर दो गिलास ताजा जल पीएं। पानी थोड़ा रुक-रुक कर लें।
– दिन में शीतलपेय के रूप में मीठी लस्सी, मीठी शिकंजवी, कच्चे आम का पन्ना का सेवन करें।
– सुबह-शाम लम्बी सैर करें।
– तेज मसालेदार, तला हुआ भोजन ग्रीष्म ऋतु में न लें।
– हल्का व ताजा खाना सेहत के लिए उत्तम आहार माना जाता है।
– ग्रीष्म ऋतु में बाजार से कच्ची बर्फ के बने के गोले, बर्फ, मूली, नींबू सोडा न पीएं।

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