इन 5 उपाय को करने से जल्द प्रसन्न होते हैं शनिदेव, नहीं पड़ती शनि की अशुभ छाया

कोलकाताः कर्मफलदाता शनिदेव के प्रकोप से मनुष्यों के जीवन में नौकरी, व्यापार, स्वास्थ्य से संबंधित परेशानियां आती रहती हैं। हमारे पुराणों में शनिदेव को सूर्य पुत्र और कर्मफलदाता दाता कहा गया है। शनि एक ऐसा ग्रह है जो आपकी किस्मत को चमकाकर आपको राजा बना सकता है और वहीं ये रुष्ट हों तो राजा से रंक भी बना सकता है। ये सब कुछ आपकी कुंडली में शनि की स्थिति पर निर्भर करता है। इसलिए शनि की ढैया या साढ़ेसाती से प्रभावित लोग काफी परेशान हो जाते हैं। जब शनि अशुभ फल देते हैं तो व्यक्ति का बुरा समय चलता है और उसको जीवन में संघर्ष करना पड़ता है। इन परेशानियों के निवारण के लिए शनिवार के दिन शनि देव की विशेष पूजा तथा कुछ उपाय करना लाभदायक बताया गया है। शनिवार के दिन क्या उपाय करने चाहिए कि शनि शुभ फल प्रदान करें।
छाया दान
शनिवार के दिन एक लोहे की कटोरी में सरसों का तेल लें,और इसमें अपना चेहरा देख लें। इसके बाद इस तेल को शनि मंदिर में दान कर दें। ऐसा कुछ शनिवार तक लगातार करने से शनि से जुड़ी समस्याएं काफी हद तक दूर हो जाती हैं। इसके अलावा रोटी पर सरसों का तेल लगाकर शनिवार के दिन काले कुत्ते को खिलाएं।
दान पोटली
जीवन में आए कष्टों को दूर करने के लिए शनिवार के दिन एक किलो सप्तधान,आधा किलो काले तिल,आधा किलो काला चना, कुछ लोहे की कील,एक शीशी सरसों का तेल लेकर इन सभी चीजों को एक नीले कपड़े में बांधकर पोटली बना लें।अब शनिदेव से अपने दुःखों को दूर करने की प्रार्थना करते हुए इस पोटली को शनि मंदिर में दान कर दें।
मंत्रों का जाप करें
शनिवार के दिन ‘ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः’ और ‘ॐ शं शनिश्चरायै नमः’ इन दो मंत्रों का यथा शक्ति जाप करें।शनिदेव को प्रसन्न करने के लिए शनि चालीसा और शनिदेव की आरती भी करें। शनिदेव की प्रसन्नता के लिए जातक को शनिवार के दिन व्रत रखना चाहिए एवं गरीब लोगों की मदद करनी चाहिए,ऐसा करने से जीवन में आए संकट दूर होने लगते हैं।
पीपल की पूजा
शनिवार के दिन सूर्योदय से पूर्व या सूर्यास्त के बाद पीपल की पूजा करने से आपके ऊपर शनिदेव की कृपा के साथ ही लक्ष्मी जी की कृपा भी बनी रहती है। साथ ही पीपल को भगवान श्रीकृष्ण ने अपना ही स्वरूप बताया है, शनिदेव भी भगवान श्रीकृष्ण के परम भक्त हैं। ऐसे में शनिवार के दिन पीपल की पूजा करने पर वे अत्यंत प्रसन्न होते हैं और भक्तों के कष्ट दूर करते हैं।
हनुमानजी की उपासना
शनिदेव, हनुमानजी की पूजा करने वालों से सदैव प्रसन्न रहते हैं, इसलिए इनकी कृपा पाने के लिए शनि पूजा के साथ-साथ हनुमान जी की भी पूजा करनी चाहिए। अगर आप शनि देव की कृपा पाना चाहते हैं तो सूर्य अस्त होने के बाद हनुमानजी का पूजन कर हनुमान चालीसा या सुंदर काण्ड का पाठ करें।

 

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