बिहार: करोड़ी समाज के लोग नहीं जाते न्यायालय, महापंचायत सुनाती है सजा

karodi samaj Mahapanchayat in bihar

समस्तीपुर : बिहार का एक ऐसा‌ जिला जहां न तो कानून को माना जाता है और न ही न्यायापालिका को। समस्तीपुर जिले में एक ऐसा गांव है जहां के कानून को देख कर कोई भी अपराध करने का नाम न लेता। यहां एक महापंचायत बैठती है, जहां लोग अपने-अपने विवादों को महासभा में रखते है। साथ ही पंचायत विवादों पर सुलह करते हुए अपराधी को सजा देती है। यह गांव है शंभूपट्टी गाछी जहां रविवार से करोड़ी समाज के लोगों की पांच दिवसीय महापंचायत की आरंभ हुई। इस महापंचायत में करोड़ी समाज ने अपने विवादों के प्रस्ताव को रखा। महासभा में चार मामलों पर सुनवाई की गई। इन मामलों में पंचायत की ओर से अपराधियों पर लगाम कसने के लिए सजा के साथ जुर्माना लगाया गया।

मुगल काल से चली आ रही प्रथा

करोड़ी महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष कमल करोड़ी ने बताया कि यह प्रथा मुगल काल से चली आ रही है। साथ ही उन्होंने कहा कि वे कानून की इज्जत करते हैं। उन्होंने दावा किया कि इस महापंचायत में किसी के मानवाधिकार का हनन नहीं होता है। यहां के स्‍थानीय निवासी पंचायत में बैठकर अपने-अपने विवादों का निपटारा करते हैं। उन्होंने बताया कि पहले यह पंचायत जंगलों में लगती थी, लेकिन अब यह अलग-अलग जिलों में लगती है। इसके अलावा यहां जो भी मामला आता है वह स्‍थानीय पंचायत से होकर आता है।

1.5 लाख का जुर्माना लगाया गया

महापंचायत में रविवार को चार मामलों की सुनवाई की गई जिसमें पहला मामला हत्या का था। पंचायत में मधुबनी के वसंत करोड़ी और रिंकू कुमार पर हत्या के आरोप के मामले को रखा गया। इस मामले पर बहस चलने के बाद पंचायत ने वसंत और रिंकू को दोषी करार दिया। पंचायत की ओर से वसंत के मुंह पर कालिख पोतने के साथ खंभे से बांध कर धूप में लटका देने के आदेश दिए गए। जबक‌ि रिंकू को सजा के तौर पर मुंह पर कालिख पोत कर सिर के बाल काट देने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा दोनों पर डेढ़ लाख का जुर्माना भी लगाया गया।

दूसरे मामले में चार लाख का जुर्माना

दूसरा मामला मधुबनी जिले के रहने वाले बिरजू करोड़ी का था। उस पर अपनी सास कुपनी देवी से शादी करने का आरोप था। मामले की सुनवाई के दौरान पंचायत ने उसे समाज की मर्यादा तोड़ने का दोषी करार दिया। पंचायत ने बिरजू को सजा के तौर पर धूप में खंभे से बांध कर लटकाने के आदेश दिए। वहीं कुपनी देवी काे सजा के तौर पर बात काट कर पूरे पंचायत में घुमाने का निर्देश दिया गया। साथ ही दोनों पर चार लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया।

वेश्यावृति का मामला

तीसरा मामला समस्तीपुर‌ जिले हसनपुर के दुधपुरा गांव का है। इस मामले मां और बेटे पर वेश्यावृति कराने का आरोप था। पंचायत में दोषी पाये जाने पर उन्हें भी सजा के तौर पर पहले और दूसरे मामले की तरह दंड दिया गया।

पंचायत ने इक्कयावन हजार रुपये का लगाया जुर्माना

चौथा मामला चंपारण जिले के रहने वाले निठ्ठू धामन पर भाई की हत्या का आरोप था। पंचायत ने उसके किए गए अपराध पर सुनवाई करते हुए उसे दोषी करार दिया। उसे भी सजा के तौर पर मुंह पर कालिख पोत कर खंभे से बांध कर धूप में लटकाया गया। साथ ही पंचायत ने निठ्ठू पर इक्कयावन हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया।

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Jagdip Dhankhar

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