भारत में निवेश करने से डरते हैं दुनिया के बड़े निवेशकः राहुल गांधी

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नई दिल्ली : कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर देश की छवि को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया है। राजस्थान के जयपुर में मंगलवार को युवा आक्रोश रैली को संबोधित करते हुए राहुल ने कहा, पहले हिंदुस्तान को भाईचारे का देश समझा जाता था, लेकिन उस छवि को केंद्र की मोदी सरकार ने नुकसान पहुंचाया है। साथ ही राहुल ने देश में बढ़ती बेरोजगारी के मुद्दे पर मोदी सरकार को घेरते हुए हिंसा से हो रहे नुकसान की बात की। उनके अनुसार, हिंसा के कारण निवेशक भारत में निवेश करने से डरते हैं।

हिंसा के माहौल में निवेश कैसे?

युवा आक्रोश रैली में पहुंचे कांग्रेस नेता राहुल ने कहा, दुनिया के बड़े निवेशक वर्तमान में इस देश में निवेश करने से डरते हैं। इस डर का कारण है हिंसा। मोदी सरकार देश में हिंसा फैलाने का काम कर रही है। ऐसे माहौल में कोई निवेश क्‍यों करना चाहेगा? पहले लोग कहते थे कि पाकिस्तान में हिंसा का माहौल है जबकि भारत भाईचारे और प्रेम का देश है। लेकिन मोदी सरकार ने उस भाईचारे की छवि को बर्बाद किया है। बाकी दुनिया में हिंदुस्तान को रेप कैपिटल कहा जाता है। राहुल ने आगे कहा, आज हर युवा जानता है कि इस देश की क्‍या स्थिति है। इस देश के युवा ही भारत की सबसे बड़ी पूंजी हैं। हम हथियारों के बल पर अमेरिका का सामना भले ही न कर सकें लेकिन हमारे पार विश्व के सबसे कुशल युवा हैं।

अपनी सबसे बड़ी पूंजी बर्बाद कर रहा है भारत

कांग्रेस नेता ने कहा कि विदेशी कंपनियां भारतीय युवाओं की कुशलता पर भरोसा कर अपना पैसा यहां लगाती हैं। मुझे इस बात का बेहद दुख है कि 21वीं सदी का भारत अपनी सबसे बड़ी पूंजी को बर्बाद कर रहा है। आज प्रधानमंत्री मोदी इस देश के युवाओं को रोक रहे हैं, उन्हें बेरोजगारी का सपना दिखा रहे हैं। विश्वविद्यालयों में प्रदर्शन के जर‌िए युवा अपनी आवाज उठा रहे हैं, सरकार से सवाल पूछ रहे हैं लेकिन मोदी सरकार उन्हीं युवाओं पर गोली चलाकर उनकी आवाज को चुप करा रही है। प्रधानमंत्री को किसी वि‌श्‍वविद्यालय में छात्रों के बीच जाकर उनसे बात करनी चाह‌िए।

बेरोजगारी पर कुछ नहीं कहते मोदी

राहुल ने कहा, एक धर्म को दूसरे धर्म के खिलाफ भड़काना इस देश के तिरंगे का अपमान है। यह अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। एक करोड़ युवा बेरोजगार हो गए हैं जबकि मोदी जी ने कहा था कि वे 2 करोड़ युवाओं को रोजगार देंगे। प्रधानमंत्री को केवल बड़े-बड़े भाषण देना आता है। वे केवल नागरिकता संशोधन कानून (सीएए), राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर (एनआरसी) और राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर) की बात करते हैं लेकिन बेरोजगारी को लेकर कुछ नहीं कहते।

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