शिक्षा के माध्यम पर कानून लाएगी आंध्रप्रदेश की सरकार

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अमरावती (आंध्रप्रदेश) : आंध्रप्रदेश सरकार वर्तमान शीत सत्र के दौरान विधानसभा में आंध्रप्रदेश शिक्षा कानून, 1982 में बदलाव के लिए एक विधेयक लाने जा रही है। इस विधेयक के तहत राज्य के सभी स्कूलों में शिक्षा का माध्यम अंग्रेजी बनाने के प्रस्ताव को कानूनी संरक्षण प्रदान की जा सकेगी। राज्य सरकार ने शैक्षणिक वर्ष 2020-21 से सभी स्कूलों में कक्षा 1 से 6 तक तेलुगु के बजाए अंग्रेजी को शिक्षा का माध्यम बनाने का निर्णय किया है। वहीं तेलुगु या उर्दू अनिवार्य विषय होंगे।

इस निर्णय को लागू करने पर अड़े मुख्यमंत्री

उच्च पदस्थ सूत्रों ने कहा कि एक ओर इस पहल का विभिन्न वर्ग कड़ा विरोध कर रहे हैं वहीं मुख्यमंत्री वाई एस जगन मोहन रेड्डी इस निर्णय को लागू करने पर अड़े हुए हैं और इसे कानूनी संरक्षण प्रदान करना चाहते हैं। शनिवार को उन्होंने यहां शीर्ष अधिकारियों के साथ मुद्दे पर चर्चा की। विधानसभा में मसौदा विधेयक को पेश करने से पहले औपचारिक मंजूरी के लिए इस पर कैबिनेट नोट मंत्रियों के बीच वितरित किए जा रहे हैं।

उच्च विद्यालयों को अंग्रेजी माध्यम में तब्दील किया जाएगा

सूत्रों ने बताया कि ‘विधेयक को सोमवार या मंगलवार को पेश किया जाएगा। मुख्यमंत्री चाहते हैं कि सुनिश्चित किया जाए कि अंग्रेजी माध्यम के प्रस्ताव को कानूनी जामा पहनाया जाए ताकि कोई भी इस लक्ष्य से छेड़छाड़ नहीं कर पाए।’ सभी प्रबंधनों के तहत आने वाले प्राथमिक, माध्यमिक और उच्च विद्यालयों को शैक्षणिक वर्ष 2020-21 से अंग्रेजी माध्यम में तब्दील किया जाएगा। सरकार की योजना के अनुसार कक्षा सात से दस तक 2021-22 से अगले चार वर्षों में अंग्रेजी माध्यम की शुरुआत होगी।

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