एक ऐसा गांव जहां कभी नहीं हुई चाेरी !

शिंगणापुर : क्‍या आप कभी ऐसे गांव की कल्पना कर सकते हैं जहां कभी चोरी न हुई हो और दुकानों को हर वक्त खुला छोड़ दिया जाता हाे? आपको जानकर हैरानी होगी कि यहां के लोग कभी असुरक्षित महसूस ही नहीं करते। हम बात कर रहे हैं महाराष्‍ट्र के उस गांव की जहां के निवासी भगवान शनि को गांव के संरक्षक मानते हैं। शनि शिंगणापुर गांव के लोगों को शनि भगवान पर अटूट श्रद्धा है।

अाज तक कभी भी चोरी नहीं हुई

भगवान शनि देव पर इतना विश्वास है कि आज तक यहां के लोगों ने न कभी अपने घर में दरवाजा बनवाया और न ही कभी घरों में ताले लगाए। लोगाें का तो यह भी कहना है कि गांव में आज तक कभी भी चोरी नहीं हुई। ग्रामीणों की माने तो भगवान शनि का गांव पर इतना असर है कि यहां कोई चोर गलती से भी चोरी नहीं कर सकता। और अगर उसने ऐसा करने ‌की कोशिश की तो वह चुराई हुई वस्तु को गांव के बाहर नहीं लेकर जा सकता। अब इसे आप लोगों की आस्‍था कहें या भगवान शनि की कृपा। मगर चोरों ने भी इस बात को कबूलते हुए कहा हैं कि चोरी करने के बाद जब भी वे गांव से बाहर जाते थे बस रास्ता भटक जाते हैं।

बाढ़ में मिली थी शनिदेव की मूर्ति

शिंगणापुर गांव के इस शनि मंदिर को लेकर कई रिवायतेें प्रचलित हैं। किंवदंति है कि लगभग 300 साल पहले गांव में काफी बाढ़ आई थी। भारी बाढ़ आैर बारिश के दौरान ही पानसनाला नदी के किनारे एक भारी पत्‍थर देखा गया। एक ऐसा अजीबोगरीब काला पत्‍थर जिसे पहले कभी किसी ने नहीं देखा था। जब गांव वालों ने उस विशाल पत्‍थर को छूने की कोशिश की तो उससे खून बहने लगा। अब गांव वाले इस सोच में पड़ गए गए कि आखिर इस पत्‍थर का क्या किया जाए? उसी रात ग्रामीणों के सपने में शनिदेव आए और उन्होंने बताया कि मूर्ती उनकी है। इसके बाद उन्होंने उस काले पत्‍थर को स्‍थापित करने का निर्देश दिया। हालांकि शनिदेव महाराज ने अपनी शर्त रखते हुए कहा कि पत्‍थर को खुले जगह में ही स्‍थापित किया जाना चाहिए।

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