जम्मू-कश्मीर के दौरे पर जा रहे भाजपा के 36 मंत्री डरपोक हैं : मणिशंकर

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तिरुअनंतपुरम : कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर ने सोमवार को भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के 36 मंत्रियों को जम्मू-कश्मीर भेजे जाने के फैसले की आलोचना करते हुए इन मंत्रियों को डरपोक कहा है। केरल के मलप्पपुरम में एक जनसभा को सं‌बोधित करते हुए अय्यर ने नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) पर केंद्र की मोदी सरकार को कायर कहा और सवाल उठाया, ‘कश्मीर जाकर ये मंत्री क्या पूर्व मुख्यमंत्री से बात करने वाले हैं? लेकिन ऐसा तो वे कर ही नहीं सकते, क्योंकि सभी पूर्व मुख्यमंत्री अब तक हिरासत में हैं। फारूक और उमर अब्दुल्ला, महबूबा मुफ्ती जेल में कैद हैं।’ बता दें कि बीजेपी की ओर से 36 मंत्री जम्मू-कश्मीर के दौरे पर जा रहे हैं। इनमें से 31 मंत्री जम्मू, जबकि 5 ही कश्मीर घाटी जा रहे हैं।

‘बीजेपी के पास घाटी में एक भी वोट नहीं’

अय्यर ने लोकसभा चुनाव में बीजेपी को मिले भारी बहुमत पर बात करते हुए कहा, ‘बीजेपी वालों के सिर पर सत्ता का नशा चढ़ गया है जिसकारण ये लोग घमंडी हो गए हैं। आने वाले चुनाव को वे अपने लिए सुनहरे अवसर के तौर पर देखते हैं लेकिन फिर से वे 303 सीटें हासिल नहीं कर सकेंगे। इनका मकसद यह है कि जम्मू-कश्मीर में एक अलग राजनीतिक वर्ग निर्मित किया जा सके। बीजेपी के पास घाटी में एक भी वोट नहीं है। बीजेपी वाले धोखा देना जानते हैं, जनता का प्रतिनिधित्व करना नहीं। अगर ये जनता के प्रतिनिधि बन पाते तो काफी पहले चुन लिए जाते।’

‘शाहीन बाग में जाने से क्यों डरती है बीजेपी?’

इसके अलावा अय्यर ने देशभर में सीएए और एनआरसी को लेकर जारी विरोध प्रदर्शनों पर बात करते हुए कहा, ‘‘उनको (बीजेपी नेताओं को ) शाहीन बाग में जाने से डर क्यों लगता है? वहां पर पिछले 34 दिनों से इस कानून के खिलाफ प्रदर्शन जारी है। बीजेपी द्वारा भारत को धर्म के आधार पर बांटने का जो प्रयास किया जा रहा है उसी के विरोध में वहां प्रदर्शन जारी है। बीजेपी की ओर से कहा गया था कि वे सबका साथ-सबका विकास करेंगे और इसी बात पर विश्वास करके जनता ने उन्हें बहुमत से जिताया था। लेकिन, उन्होंने आखिरकार क्या किया, सबका साथ और सबका विनाश।’’ बता दें कि दिल्ली के शाहीन बाग में 15 दिसंबर से सीएए और एनआरसी के खिलाफ प्रदर्शन जारी है।

18 जनवरी से शुरू होगा मंत्रियों का दौरा

गौरतलब है कि 15 जनवरी को केंद्र सरकार की ओर से कहा गया था कि जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 के अ‌धिकांश प्रावधानों को हटाने के बाद पहली बार 36 मंत्री वहां जाएंगे। इस एक हफ्ते की यात्रा के दौरान ये मंत्री वहां की स्थिति का जायजा लेने के साथ ही लोगों से संपर्क बढ़ाएंगे। 18 जनवरी से शुरू होने वाली इस यात्रा में 36 में से केवल 5 मंत्री जी किशन रेड्‌डी, रविशंकर प्रसाद, श्रीपद नाइक, निरंजन ज्योति और रमेश पोखरियाल कश्मीर घाटी जाएंगे। जबकि, शेष मंत्री जम्मू के विभिन्न जिलों का दौरा करेंगे। पिछले वर्ष 5 अगस्त को जम्मू-कश्मीर का विशेष राज्य का दर्जा खत्म करने के बाद से सरकार वहां पर स्थिति सामान्य करने में जुटी है।

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