30 मिनट ट्रेडमिल पर दौड़ने के बजाए घर पर देखें भूतिया फिल्में, होगी कई गुना कैलोरी बर्न

कोलकाताः हम सभी ने बचपन में डरावनी कहानियां सुनी हैं और फिल्में देखी हैं। फिल्मों और कहानियों के दौरान हमारे शरीर के अंदर कुछ अजीब सा ही होने लगता है। जिसे आप डर भी कह सकते हैं, सस्पेंस भी और जिज्ञासा भी। लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि हॉरर फिल्में देखने से आपको बहुत ज्यादा फायदा होता है। फिल्में हमारे जहन पर एक अलग असर छोड़ जाती हैं। जिसे देखने के बाद हम अक्सर उन कहानियों के किरदारों और घटनाओं में खोए रहते हैं। हॉरर फिल्में देखने वाले लोग तो अक्सर रात को फिल्म देखने के बाद बाथरुम तक जाने से डरने लगते हैं। पर इन सारी चीजों के अलावा हॉरर फिल्में हमारी सेहत पर किस तरह और कैसा असर डालती हैं, चलिए जानते हैं।
बैठे बैठे घटाए कैलोरीज
आपको पता है आलसी लोगों की एक खास बात होती है। वह हर काम को करने का सबसे सरल तरीका ढूंढ लेते हैं। अगर आप भी इसी कैटैगिरी में आते हैं, तो आपके लिए हॉरर फिल्में देखना बेहद फायदेमंद रहेगा। दरअसल 90 मिनट की हॉरर फिल्में देखने पर आप 113 कैलोरीज तक जला लेते हैं। जबकि इतनी कैलोरी जलाने के लिए आम आदमी को 30 मिनट की वॉक करनी पड़ती है। सोचिए मत आज रात को ही कुछ कैलोरीज कम कर लीजिए।
एंग्जायटी की करे छुट्टी
आज के समय में लोग अक्सर भविष्य को लेकर या अन्य समस्याओं की वजह से एंग्जायटी का शिकार हो जाते हैं। ऐसे लोगो के लिए इस समस्या से निपटने के लिए हॉरर फिल्में एक बेहतरीन विकल्प हो सकती हैं। दरअसल हॉरर फिल्म देखने से हमारे शरीर में एड्रेनालाईन, ग्लूकोज और कोर्टिसोल का रिसाव होने लगता है। जिसकी वजह से हम असल जिंदगी के खतरों को भूल कर अधिक सुरक्षित महसूस करने लगते हैं।
दिमाग भविष्य के लिए होता है तैयार
हाल ही में हॉरर फिल्मों को लेकर कुछ शोध हुए हैं, जो बताते हैं कि हॉरर फिल्में देखने से हमारे मस्तिष्क में न्यूरोट्रांसमीटर निकलते हैं। यह हमें कुछ समय के लिए अधिक सतर्क कर सकते हैं। इसके अलावा फिल्म की इसी खासियत की वजह से हम भविष्य में आने वाली परिस्थितियों के लिए भी तैयार हो जाते हैं।
इम्यून सिस्टम होता है बेहतर
क्या आप भी अक्सर बीमार पड़ने लगते हैं। अगर हां, तो आज ही हॉरर फिल्में देखना शुरू कर दें। हाल ही में हुई एक रिसर्च से पता चला है कि हॉरर फिल्म देखने के दौरान हमारे शरीर में एड्रेलाईन उत्पन्न होता है। यह हमारे इम्यून सिस्टम को फायदा पहुंचाता है। साथ ही एक अध्ययन में महिलाओं और पुरुषों को लिया गया जिन्होंने हॉरर फिल्म देखी थी, इसके बाद इनके शरीर में व्हाइट ब्लड सेल्स की वृद्धि देखी गई।
अच्छा महसूस कराती हैं हॉरर फिल्म
हॉरर फिल्म देखते वक्त जब हम डर का अनुभव करते हैं, तो हमारे मस्तिष्क में डोपामाइन और सेरोटोनिन जैसे केमिकल्स रिलीज होने लगते हैं। यह केमिकल्स हमें अच्छा महसूस कराने वाले होते हैं। यही केमिकल्स तब भी निकलते हैं जब आप किसी से प्यार करने लगते हैं। ऐसे में अगर आपको अपनी रिलेशनशिप को मजबूत करना है, तो अपने पार्टनर के साथ एक हॉरर फिल्म देखें। क्योंकि यह तरीका सबसे सही है जब आप उनके अधिक करीब आ सकेंगे।
अच्छा महसूस कराती हैं हॉरर फिल्म
आज के समय में तनाव होना सबसे ज्यादा आम है और यह खतरनाक भी है। यह बहुत सी बीमारियों को पैदा कर सकता है। ऐसे में आप इस समस्या पूरी तरह बाहर आने के लिए हॉरर फिल्म देख सकते हैं। यह आपको अच्छा फील कराएगी और तनाव से मुक्त कर देगी।

 

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