18034 किमी लम्बी मानव शृंखला बनाकर तोड़े सारे रिकॉर्ड

‘जल-जीवन-हरियाली’ के पक्ष में 5.17 करोड़ लोग हैं एकजुट : नीतीश कुमार
पटना : ‘जल-जीवन-हरियाली’ और शराबबंदी के पक्ष में तथा दहेजप्रथा एवं बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ एकजुट हुए अनुमान से ज्यादा पांच करोड़ 16 लाख 71 हजार 389 लोगों ने रविवार को बिहार में लक्ष्य से अधिक 18034 किलोमीटर की दुनिया की अब तक की सबसे लंबी कतारबद्ध मानव शृंखला बनाकर पूर्व के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने रविवार को सभी 38 जिलों में बनाई गयी करीब 1804 किलोमीटर लंबी मानव शृंखला को सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ तथा पर्यावरण संरक्षण से जुड़े ‘जल-जीवन-हरियाली’ अभियान के पक्ष में 5.17 करोड़ लोगों की एकजुटता का प्रमाण बताया और कहा कि जल संरक्षण एवं हरियाली को बढ़ावा देने वाले इस अभियान को निरंतर जारी रखने की जरूरत है।
नीतीश कुमार ने राजधानी पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान से इस ऐतिहासिक मानव शृंखला का गुब्बारा उड़ाकर शुभारंभ करने के बाद लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि आज की मानव शृंखला पर्यावरण से जुड़े ‘जल-जीवन-हरियाली अभियान’ के प्रति लोगों की एकजुटता का प्रमाण है। उन्होंने कहा, ‘जल संरक्षण और हरियाली को बढ़ावा देकर हमलोग आने वाली पीढ़ी की रक्षा कर सकेंगे। आप सबसे आग्रह हैं कि इस अभियान को निरंतर चलाते रहने की जरूरत है।’ मुख्यमंत्री ने कहा कि सामाजिक अभियानों के प्रति जागरूकता के क्रम में यह मानव शृंखला बनायी गयी। सभी जिलों में बड़ी संख्या में लोगों ने पूरे उत्साह के साथ इसमें भाग लिया। उन्होंने कहा कि इससे पूर्व में भी वर्ष 2017 में मद्य निषेध के समर्थन में तथा 2018 में बाल विवाह एवं दहेज प्रथा के विरुद्ध भी मानव शृंखला बनायी गयी थी।
नीतीश ने कहा कि आज विश्व के इतिहास में एक ऐतिहासिक दिन है। बिहार सरकार द्वारा चलाये जा रहे सामाजिक जन-जागरण अभियान के प्रति जनमानस को जागरूक करने के लिये पूरे बिहार के सभी जिलों में मानव शृंखला का निर्माण किया गया। आज पूरा विश्व जलवायु परिवर्तन के दुष्प्रभावों से ग्रसित है। स्थिति दिन-प्रतिदिन बिगड़ती जा रही है। इसके चलते आगे आने वाली पीढ़ी को भयंकर नुकसान होने वाला है। मुख्यमंत्री ने बिहार के नागरिकों को धन्यवाद दिया, जिन्होंने अपने अभूतपूर्व समर्थन से इन अभियानों के प्रति अपनी जागरूकता का प्रदर्शन किया है। उन्होंने सभी जनप्रतिनिधियों, मुख्य सचिव तथा सरकारी पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों को भी धन्यवाद दिया, जिनके नेतृत्व में सभी जिलों में मानव श्रृंखला का आयोजन सफलतापूर्वक किया गया। उन्होंने सभी विद्यालयों के बच्चों को भी धन्यवाद दिया है, जिन्होंने विशेष उत्साह के साथ इस मानव श्रृंखला में भाग लिया। उन्होंने कहा, ‘मुझे जो पर्यावरण संरक्षक-2020 के रूप में सम्मान मिला है उसकी वास्तविक हकदार बिहार की जनता है, जो सामाजिक विषयों के साथ-साथ पर्यावरण के प्रति जागरूक है।’ मानव शृंखला में बड़ी संख्या में महिलाएं और युवा भी शामिल हुए हैं। नीतीश ने कहा कि जल संरक्षण एवं हरियाली में वृद्धि के लिए हमलोग काम कर रहे हैं। बिहार बंटवारे के समय राज्य का हरित आवरण नौ प्रतिशत था। वर्ष 2012 में ‘हरियाली मिशन’ की स्थापना कर 19 करोड़ पौधे लगाए गए और अब राज्य का हरित आवरण क्षेत्र 15 प्रतिशत पहुंच गया है। आगे साढ़े आठ करोड़ पौधे और लगाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि ‘जल-जीवन-हरियाली अभियान’ के तहत आहर, पईन, पोखर को अतिक्रमण मुक्त कराकर उनका जीर्णोद्धार भी कराया जा रहा है। सभी सार्वजनिक कुओं का भी जीर्णोद्धार कराया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बात की प्रसन्नता है कि मानव शृंखला में मैग्सायसाय पुरस्कार विजेता जल पुरुष राजेंद्र सिंह तथा संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (यूएनईपी) के कंट्री हेड (भारत) अतुल बगई भी शामिल हैं। नीतीश को मैग्सायसाय पुरस्कार विजेता जलपुरुष राजेंद्र सिंह ने तरुण भारत संघ की ओर से पर्यावरण संरक्षक-2020 सम्मान से सम्मानित किया। मुख्यमंत्री के साथ ही उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी, बिहार विधानसभा अध्यक्ष विजय कुमार चौधरी, विधान परिषद के कार्यकारी सभापति प्रोफेसर हारुन रशीद, पथ निर्माण मंत्री नंदकिशोर यादव, भवन निर्माण मंत्री अशोक चौधरी, लघु जल संसाधन सह विधि मंत्री नरेंद्र नारायण यादव, जल संसाधन मंत्री संजय झा, सांसद रामकृपाल यादव एवं महबूब अली कैसर, मुख्यमंत्री के परामर्शी अंजनी कुमार सिंह, मुख्य सचिव दीपक कुमार, पुलिस महानिदेशक गुप्तेश्वर पांडेय एवं महाधिवक्ता ललित किशोर शामिल हुए।

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