158 करोड़ की लागत से होगा पटना संग्रहालय भवन का उन्नयन और विस्तार

पटना : बिहार की बौद्धिक समृद्धि का प्रतीक माने जाने वाले पटना संग्रहालय (जादूघर) के मौजूदा भवन के उन्नयन, विस्तार, नयी दीर्घा का निर्माण एवं वर्तमान दीर्घाओं का पुनर्संयोजन करने के लिए सरकार 158 करोड़ रुपये खर्च करेगी।
मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग के प्रधान सचिव डॉ. दीपक प्रसाद ने बताया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में मंगलवार को यहां हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में इस आशय के प्रस्ताव को मंजूरी दी गयी है। डॉ. प्रसाद ने बताया कि पटना संग्रहालय, पटना के वर्तमान भवन का उन्नयनीकरण एवं विस्तारीकरण के साथ नयी दीर्घाओं के संयोजन एवं मौजूदा भवन में स्थित दीर्घाओं के पुनर्संयोजन के लिए भवन निर्माण विभाग के द्वारा उपलब्ध कराई गयी तकनीकी अनुमोदित राशि 158 रुपये व्यय की स्वीकृति प्रदान की गयी है। मुगल-राजपूत वास्तुशैली में राजधानी पटना में वर्ष 1917 में निर्मित बिहार की बौद्धिक समृद्धि के प्रतीक पटना संग्रहालय में दुर्लभ संग्रह का भंडार है। संग्रहालय नव पाषाणकालीन पुरावशेषों और चित्रों, दुर्लभ सिक्कों, पांडुलिपियों, पत्थर और खनिज, तोप और शीशे की कलाकृतियों से समृद्ध है। संग्रहालय में वैशाली में लिच्छवियों द्वारा भगवान बुद्ध की मृत्यु के बाद बनवाए गए प्राचीनतम मिट्टी के स्तूप से प्राप्त बुद्ध के दुर्लभ अस्थि अवशेष वाली कलश मंजूषा है तो वृक्ष का जीवाश्म संग्रहालय में काफी पुराने चीड़ के एक वृक्ष का जीवाश्म भी यहां रखा हुआ है, जिसे देखने के लिए विदेश से भी लोग आते हैं। संग्रहालय में रात्रि की रोशनी व्यवस्था भी प्रशंसनीय है। राहुल सांकृत्यायन द्वारा प्रदत्त लगभग 250 दुर्लभ पांडुलिपियों सहित कई पुस्तकों एवं शोध ग्रंथों के संरक्षण के लिए रासायनिक उपचार भी किए गए हैं। पटना संग्रहालय के वर्तमान भवन के केंद्र पर आकर्षक छतरी, चारों कोनों पर गुंबद और झरोखा शैली की खिड़कियां इसकी विशिष्टताएं हैं। हालांकि पटना के बेली रोड में बिहार संग्रहालय के निर्माण के बाद यहां की अधिकांश प्राचीन दुर्लभ अवयव वहां रखे गए हैं। मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग के प्रधान सचिव ने बताया कि राज्य के विश्वविद्यालयों, अंगीभूत महाविद्यालय में कार्यरत शिक्षकों के वेतन पुनरीक्षण के फलस्वरूप उदभूत बकाया भुगतान के लिए के विभागीय संकल्प आंशिक संशोधन करने की स्वीकृति दी गयी है। डॉ. प्रसाद ने बताया कि विधि विभाग के तहत दरभंगा न्यायमंडल के अनुमंडलीय व्यवहार न्यायालय, बिरौल में 15 कोर्ट भवन, 180 कैदी हाजत एवं एमेनिटी भवन का निर्माण करने के लिए 35 करोड़ 41 लाख 90 हजार रुपये प्राक्कलित राशि की प्रशासनिक स्वीकृति दी गयी। प्रधान सचिव ने बताया कि आपदा प्रबंधन विभाग के तहत राज्य की स्थानीय प्रकृति की आपदाओं के लिए बिहार आकस्मिकता निधि से 150 करोड़ रुपये अग्रिम की मंजूरी दी गयी है। उन्होंने बताया कि मंत्रिपरिषद की बैठक में मंगलवार को कुल सात प्रस्ताव स्वीकृत किए गए हैं।

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