बाढ़ राहत के लिए दिजीए 10 करोड़,आपके नाम से होगा गांव का नाम- येदियुरप्पा

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बेंगलूरू : बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदा से पूरा दक्षिण भारत त्रस्त है और लोगों के बचाव का कार्य जोर शोर से चल रहा है। इस बाबत कर्नाटक के मुख्यमंत्री बीएस ये‌दियुरप्पा ने बाढ़ राहत के लिए एक व्यापक कदम उठाया है। उन्होंने कहा कि जो भी राज्य सरकार की राहत कोष में 10 करोड़ रुपयों की मदद करेगा, उसके नाम पर उसके गांव का नाम रख दिया जाएगा। येदियुरप्पा ने यह प्रस्ताव स्वतंत्रता ‌दिवस के मौके पर उद्योगपतियों और कॉर्पोरेट जगत के लोगों के साथ एक बैठक में रखी।

दान देने वाले के नाम पर गांव का नाम

ये‌दियुरप्पा ने कहा, ”बाढ़ से प्रभावित गांव में जो भी लोग 10 करोड़ रुपये से ज्यादा दान करेंगे उनके नाम पर गांव का नाम रख दिया जाएगा। ऐसा इसलिए किया जा रहा है कि जिन गांवों को इससे फायदा होगा उसके लिए ये माना जाएगा कि उस दान देने वाले इंसान ने गांव गोद ले लिया है।”

जेडीएस ने तुलना कर दी तुगलकी फरमान से

येदियुरप्पा के इस ऐलान का प्रदेश की कुछ पार्टियों ने विरोध किया है और उनके इस बयान को जेडीएस ने तुगलकी फरमान करार दिया है। जेडीएस ने आरोप लगाते हुए कहा कि, ”उनके इस तरह के प्रस्ताव से सरकार उस गांव की पहचान को खत्म कर देगी। पहले ही बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में लोगों ने बहुत कुछ खो दिया है। कर्नाटक को बेचने की कोशिश की जा रही है और हम चाहते है कि सरकार कर्नाटक को मत बेचे।’

नोट छापने की मशीन वाले बयान पर फंसे थे यदियुरप्पा

कुछ दिनों पहले येदियुरप्पा ने एक विवादित बयान दिया था जिसमे उन्होंने अधिकारियों के साथ एक बैठक में कहा था कि उनके पास नोट छापने की कोई मशीन नहीं है। उनके इस बयान के बाद बहुत किरकिरी हुई। इस पर मोर्चा खोलते हुए कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने एक के बाद एक कई आलोचना की। उन्होंने कहा कि सरकार के पास एमएलए को फंड देने के लिए पैसे हैं लेकिन बाढ़ से प्रभावित लोगों के लिए नहीं है।

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