हनुमान जी की पूजा में महिलाएं भूलकर भी न करें ये कार्य

कोलकाताः मंगलवार और शनिवार के दिन हनुमानजी की विशेष रूप से पूजा की जाती है। सनातन धर्म में राम भक्त हनुमान जी को संकटों को हरने वाले देवता माना गया है क्योंकि इनकी पूजा करने से सभी कष्ट दूर हो जाते हैं। साथ ही शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या चल रहे जातकों को हनुमानजी की पूजा करने की सलाह दी जाती है। वैसे तो हनुमानजी की पूजा में उन सभी नियमों का पालन किया जाता है, जो अन्य देवी-देवता की पूजा में करते हैं लेकिन हनुमानजी की पूजा-पाठ में महिलाओं के लिए अलग नियम बताए गए हैं। ऐसा इसलिए किया जाता है क्योंकि हनुमानजी बाल ब्रह्मचारी और महायोगी हैं और सभी महिलाओं को उन्होंने माता का दर्जा दिया है। आइए जानते हैं कि हनुमानजी की पूजा में महिलाओं को किन चीजों का ध्यान रखना चाहिए…
अष्ट सिद्धि व नौ निधि के दाता हैं हनुमानजी
हनुमानजी को चिरंजीवी भी कहा जाता है क्योंकि भगवान राम ने कलयुग के अंत तक पृथ्वी पर रहने का वरदान दिया है। हनुमानजी की पूजा पुरुष और महिलाएं दोनों ही कर सकते हैं और दोनों को ही समान रूप से हनुमानजी वरदान देते हैं। लेकिन उनकी पूजा में ब्रह्मचर्य का पालन जरूर करना चाहिए। कलयुग में हनुमानजी की पूजा करने से सभी कष्ट दूर हो जाते हैं और सभी दुख-दर्द से छुटकारा मिल जाता है। अष्ट सिद्धि व नौ निधि के दाता हनुमानजी अगर किसी भक्त पर प्रसन्न हो जाएं तो कोई भी उसका कुछ नहीं बिगाड़ सकता।
इन कार्यों से हनुमानजी हो जाते हैं रुष्ट
महिलाओं को हनुमान जी के चरण या फिर अन्य जगह स्पर्श नहीं करना चाहिए क्योंकि महिलाओं को माता का दर्जा प्राप्त है। साथ ही इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि हनुमानजी को पंचामृत से स्नान न करवाएं और न ही कभी सिंदूर अर्पित करें। ऐसा करने से हनुमान जी रुष्ट हो सकते हैं।
ये कार्य शास्त्रों में बताए गए हैं निषेध
महिलाओं को बजरंग बाण का पाठ भी नहीं करना चाहिए, ऐसा करने शास्त्रों में निषेध बताया गया है। साथ ही इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि महिलाएं राम भक्त हनुमानजी को वस्त्र, जनेऊ, चोला और यज्ञोपवीत भी अर्पित न करें। ऐसा करने से हनुमानजी नाराज हो सकते हैं।
इन कार्यों से हनुमानजी होते हैं प्रसन्न
हनुमानजी अष्ट सिद्धि व नौ निधि के दाता माने जाते हैं। इसलिए महिलाएं हनुमानजी का व्रत कर सकती हैं, इसे लेकर कोई पाबंदी नहीं है। लेकिन ध्यान रखें कि व्रत में किसी भी प्रकार का नमक का प्रयोग और अनाज का सेवन करने से करने से बचें।
इसे लेकर नहीं है कोई पाबंदी
महिलाएं हनुमानजी का प्रसाद तैयार कर सकती हैं, इसे भी लेकर कोई पाबंदी नहीं है। लेकिन ध्यान रखें कि रजस्वला होने पर हनुमानजी से संबंधित कोई भी कार्य न करें।
इस तरह कर सकती हैं पूजा
बजरंग बाण को छोड़कर महिलाएं हनुमानाष्टक, हनुमान चालीसा या सुंदरकांड आदि का पाठ कर सकती हैं। साथ ही हनुमानजी को सुबह-शाम धूप, दीप व पुष्प अर्पित कर सकती हैं। इसे लेकर कोई महिलाओं पर कोई पाबंदी नहीं है।

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