सृजन घोटाले के दो और मामलों में आरोप पत्र दाखिल

पटना : बिहार के बहचर्चित अरबों रुपये के सृजन घोटाले के दो और मामलों में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने विशेष अदालत में शनिवार को छह लोगों के खिलाफ आरोप-पत्र दाखिल किया।
ब्यूरो ने यह दोनों आरोप-पत्र अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी सह सीबीआई के विशेष प्रभारी न्यायाधीश विजय किशोर सिंह की अदालत में भारतीय दंड विधान एवं भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम की अलग-अलग धाराओं में दायर किया है। दोनों मामलों में स्वयंसेवी संस्था सृजन महिला विकास सहयोग समिति की प्रबंधक सरिता झा मुख्य आरोपित के रूप में शामिल हैं जबकि सृजन की संचालिका मनोरमा देवी को मृत दिखाते हुए आरोपित किया गया है। दोनों मामलों में सरिता झा समेत चार-चार आरोपित हैं। सृजन घोटाले के विभिन्न मामलों में सीबीआई अब तक 21 आरोप-पत्र दाखिल कर चुकी है। आरोपितों में कुल 195 लोग शामिल हैं, जिनमें से 24 लोग जेल में हैं।
आरोपितों में सृजन महिला विकास सहयोग समिति की प्रबंधक, सचिव, चेयरमैन, मुख्य संचालिका स्व. मनोरमा देवी एवं उसके पुत्र के अलावा भागलपुर के एक तत्कालीन जिलाधिकारी, विभिन्न कोषागारों के कई पदाधिकारी, विभिन्न बैंकों के कई मुख्य शाखा प्रबंधक एवं कर्मचारी तथा समाहरणालय के नाजिर एवं तत्कालीन जिला कल्याण पदाधिकारी शामिल हैं।आरोप-पत्रों के अनुसार, भागलपुर जिले में महिला सशक्तीकरण एवं सुदृढ़ीकरण से जुड़ी सरकारी योजनाओं की राशि का सरकारी कर्मचारियों की मिलीभगत से एक स्वयंसेवी संस्था सृजन महिला विकास सहयोग समिति एवं बैंककर्मियों ने जालसाजी एवं धोखाधड़ीपूर्वक अरबों रुपये की सरकारी राशि का घोटाला किया था। घोटाले का वर्ष 2017 में पता चलने पर भागलपुर के अलग-अलग थानों में कई प्राथमिकी दर्ज करवाई गयी थी। बाद में मामला सीबीआई को सौंप दिया गया। सीबीआई ने वर्ष 2018 में स्थानीय थानों में दर्ज प्राथमिकियों के आधार पर अपनी प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की थी। सीबीआई ने जब जांच अपने हाथ में ली तब मामले की सुनवाई पटना स्थित ब्यूरो की विशेष अदालतों में होने लगी। पूर्व में दर्ज प्राथमिकियों में भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम शामिल नहीं था लेकिन जांच के क्रम में सरकारी कर्मचारियों की मिलीभगत सामने आने पर लगभग सभी मामलों में भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत भी आरोप-पत्र दाखिल किए जा रहे हैं। नतीजे में अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी सह विशेष न्यायाधीश की अदालत में आरोप-पत्र दाखिल होने के बाद मामले को विचारण के लिए पटना व्यवहार न्यायालय में ही स्थित अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह ब्यूरो के विशेष न्यायाधीश की अदालत में भेज दिए जाते हैं।

शेयर करें

मुख्य समाचार

राजस्थान रॉयल्स के सामने केकेआर की कड़ी परीक्षा

दुबई : कोलकाता नाइटराइडर्स (केकेआर) को अगर आईपीएल में अपना अभियान पटरी पर बनाये रखना है तो उसे बेहतरीन फार्म में चल रहे राजस्थान रॉयल्स आगे पढ़ें »

सनराइजर्स ने रोका दिल्ली का विजय रथ, राशिद-भुवनेश्वर का चला जादू

अबुधाबी : आईपीएल के 13वें सीजन का 11वां मुकाबला दिल्ली कैपिटल्स और सनराइजर्स हैदराबाद के बीच अबुधाबी में खेला गया। इस मुकाबले में दिल्ली के आगे पढ़ें »

ऊपर