सूर्य को सुबह-सुबह एक लोटा जल चढ़ाने के हैं ढेरों फायदे

कोलकाताः बीते 1 साल से भी ज्यादा समय से जब कोरोना महामारी ने चारों तरफ सभी को हैरान परेशान कर रखा है, ऐसे में हर व्यक्ति यही चाहता है कि वह निरोग बना रहे, बीमारियों से दूर रहे। इसके लिए हर कोई अपनी इम्यूनिटी यानी रोगों से लड़ने की क्षमता को मजबूत बनाने में लगा है। खुद को स्वस्थ और निरोगी बनाए रखने का एक तरीका हमारे शास्त्रों में भी बताया गया है और वह है सूर्य को एक लोटा जल चढ़ाना।

सूर्य को जल चढ़ाने के हैं कई फायदे

सूर्य देव को प्रत्यक्ष देवता माना जाता है क्योंकि हर दिन इनके दर्शन प्राप्त होते हैं और सनातन काल से ही सूर्य को जल चढ़ाने की परंपरा चली आ रही है। वेदों और पुराणों में भी सूर्य को जल चढ़ाने का उल्लेख मिलता है। सूर्य को जल चढ़ाने के क्या-क्या फायदे हैं और जल चढ़ाते वक्त किन जरूरी बातों का ध्यान रखना चाहिए, यहां पढ़ें।

1. होगा स्वास्थ्य लाभ- सूर्य को सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है। सूर्य की किरणें शरीर में मौजूद बैक्टीरिया को दूर कर आपको निरोग बनाने में मदद करती है। धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टिकोण से देखें तो सूर्य को आत्मा का कारक माना गया है। इसलिए रोजाना सूर्य को एक लोटा जल चढ़ाने से आत्मबल प्राप्त होता है। साथ ही सूर्य को जल देने से व्यक्ति हर तरह की बीमारियों से बचा रहता है।

2. दिनभर बनी रहेगी ऊर्जा- सूर्य को नियमित रूप से एक लोटा जल अर्पित करने से सूर्य का प्रभाव शरीर में बढ़ता है जिससे आप बेहतर कार्य करने की प्रेरणा मिलती है। यह आपको ऊर्जावान बनाता है और स्फूर्ति से भर देता है। ऐसा होने पर आपको कार्यक्षेत्र में भी लाभ मिलता है।

3. तरक्की और मान सम्मान की प्राप्ति- ज्योतिष शास्त्र की मानें तो सूर्य ही वह ग्रह है जो व्यक्ति को मान-सम्मान दिलाता है। ऐसे में अगर आपकी नौकरी से जुड़ी कोई परेशानी चल रही हो तो नियमित रूप से सूर्य को जल अर्पित करना शुरू करें। उच्चाधिकारियों का सहयोग मिलेगा, सम्मान बढ़ेगा और उच्च पद की प्राप्ति होगी।

4. कुंडली का दोष होगा दूर- ज्योतिष शास्त्र में बताया गया है कि जिस व्यक्ति की कुंडली में सूर्य ग्रह कमजोर होता है उसे प्रतिदिन सूर्य को जल चढ़ाना चाहिए। ऐसा करने से आपकी सभी बाधाएं दूर हो जाती हैं
सूर्य को जल चढ़ाने का सही तरीका

सूर्य को जल अर्पित करने से पहले उसके नियमों के बारे में जान लें।

सूर्योदय से पहले उठें और स्नान आदि करने के बाद तांबे के लोटे से सूर्य को जल अर्पित करें।

सूर्य के उदय होने के 1 घंटे के अंदर उन्हें जल चढ़ाना सर्वोत्तम माना जाता है। हालांकि आप चाहें तो सुबह 8 बजे तक भी सूर्य को जल चढ़ा सकते हैं।

सूर्य को जल अर्पित करने से पहले लोटे के जल में चुटकी भर रोली या लाल चंदन मिलाएं और लाल पुष्प के साथ जल अर्पित करें।

सूर्य को जल देते समय आपका मुख पूर्व दिशा की ओर होना चाहिए। ध्यान रहें कि जल अर्पित करते समय उसके छीटें आपके पैरों पर न पड़े।

 

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