श्मशान से अस्थियां भी नहीं ले जा रहे परिजन,अब पंडित खुद करेंगे विसर्जन

उत्तर प्रदेश : कोरोना ने हमें अपनों से दूर कर दिया। बहुत दूर… इतना कि अब लोग राख बन चुके शरीर से भी डरने लगे हैं। ये डर उस राख से है, जिसने कुछ समय पहले तक हमें अपनी परंपराओं और आस्थाओं के साथ जोड़ रखा था। इस डर ने उसे भी खत्म कर दिया है। तभी तो श्मशान घाटों पर अब लोग अपनों की अस्थियां लेने भी नहीं पहुंच रहे। पूरे उत्तर प्रदेश में ऐसे 3 हजार से भी ज्यादा मामले हैं। हां, इनमें कुछ ऐसी भी अस्थियां हैं जिन्हें लेने वाला कोई अब इस दुनिया में ही नहीं बचा। जो तस्वीरें हम आपको दिखा रहे हैं वही अंतिम सत्य है। इसे अंतिम कलश कहें या अस्थि कलश… ये आप तय करें। इतना जरूर है कि ये तस्वीरें डर के आगे इंसानियत और रिश्तों की खत्म होती अहमियत को बयां कर रही हैं। उस सच्चाई से भी रूबरू करा रही है जिसे ‘सिस्टम’ नाम दिया गया है।
* अंतिम निवास के सभी लॉकर फुल, अब घाट के पंडित खुद करेंगे विसर्जन
गौतमबुद्ध नगर यानी नोएडा के शवदाह गृह में भी अंतिम संस्कार के बाद लोग अस्थियां लेने नहीं पहुंच रहे। शवदाह गृह में अस्थियां रखने के लिए बने लॉकर भर गए हैं। अब बाकी लोगों की अस्थियां जहां जगह मिल रही वहीं रख दी जा रही हैं। सेक्टर 94 ए में स्थित अंतिम निवास का संचालन करने वाले अधिकारियों ने बताया कि यहां अस्थियां रखने के लिए 200 लॉकर हैं, लेकिन इस वक्त सभी भरे हुए हैं। कई और अस्थि कलश बाहर रखे हुए हैं। सबको पहचान का नंबर देते हुए अलग-अलग कमरों में व्यवस्थित तरीके से रखा गया है। यदि कोई नहीं आता है तो रीति रिवाज के अनुसार इनका विसर्जन करा दिया जाएगा।कोरोना ने हमें अपनों से दूर कर दिया। बहुत दूर… इतना कि अब लोग राख बन चुके शरीर से भी डरने लगे हैं। ये डर उस राख से है, जिसने कुछ समय पहले तक हमें अपनी परंपराओं और आस्थाओं के साथ जोड़ रखा था। इस डर ने उसे भी खत्म कर दिया है। तभी तो श्मशान घाटों पर अब लोग अपनों की अस्थियां लेने भी नहीं पहुंच रहे। पूरे उत्तर प्रदेश में ऐसे 3 हजार से भी ज्यादा मामले हैं। हां, इनमें कुछ ऐसी भी अस्थियां हैं जिन्हें लेने वाला कोई अब इस दुनिया में ही नहीं बचा। जो तस्वीरें हम आपको दिखा रहे हैं वही अंतिम सत्य है। इसे अंतिम कलश कहें या अस्थि कलश… ये आप तय करें। इतना जरूर है कि ये तस्वीरें डर के आगे इंसानियत और रिश्तों की खत्म होती अहमियत को बयां कर रही हैं। उस सच्चाई से भी रूबरू करा रही है जिसे ‘सिस्टम’ नाम दिया गया है।
* अंतिम निवास के सभी लॉकर फुल, अब घाट के पंडित खुद करेंगे विसर्जन
गौतमबुद्ध नगर यानी नोएडा के शवदाह गृह में भी अंतिम संस्कार के बाद लोग अस्थियां लेने नहीं पहुंच रहे। शवदाह गृह में अस्थियां रखने के लिए बने लॉकर भर गए हैं। अब बाकी लोगों की अस्थियां जहां जगह मिल रही वहीं रख दी जा रही हैं। सेक्टर 94 ए में स्थित अंतिम निवास का संचालन करने वाले अधिकारियों ने बताया कि यहां अस्थियां रखने के लिए 200 लॉकर हैं, लेकिन इस वक्त सभी भरे हुए हैं। कई और अस्थि कलश बाहर रखे हुए हैं। सबको पहचान का नंबर देते हुए अलग-अलग कमरों में व्यवस्थित तरीके से रखा गया है। यदि कोई नहीं आता है तो रीति रिवाज के अनुसार इनका विसर्जन करा दिया जाएगा।

शेयर करें

मुख्य समाचार

पैरेंट्स ने नहीं दिलाया कुत्ता तो बेटे ने कर ली…

विशाखापट्टनम : एक नाबालिग लड़के ने सिर्फ इसलिए खुदकुशी कर ली कि उसे माता-पिता ने घर में पालने के लिए कुत्ता लाने से मना कर आगे पढ़ें »

5000 हेल्थ अस्टिटेंट को दी जाएगी मरीजों की देखभाल की ट्रेनिंग : केजरीवाल

नई दिल्ली : राज्यों ने जानलेवा कोरोना वायरस की संभावित तीसरी लहर से निपटने की तैयारी शुरू कर दी है। इसी क्रम में दिल्ली सरकार भी आगे पढ़ें »

ऊपर