राजस्थान में भाजपा विधायकों ने राज्यपाल के अभिभाषण का बहिष्कार किया

जयपुर : राजस्थान में विपक्षी दल भाजपा ने राज्य विधानसभा के बजट सत्र के पहले दिन राज्यपाल के अभिभाषण का बहिष्कार किया और सरकार पर सत्र आहूत करने में नियमों का पालन नहीं करने का आरोप लगाया।
विधानसभा में राज्यपाल कलराज मिश्र ने जैसे ही अपना अभिभाषण शुरू किया नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया ने सत्र आहूत करने में नियमों का पालन नहीं करने का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि सत्र बुलाने में 21 दिन की पूर्व सूचना की अनिवार्यता का पालन नहीं किया गया। कटारिया ने कहा कि सरकार ने लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति को आरक्षण 10 साल के लिए और बढ़ाने के विधेयक की पुष्टि 25 जनवरी से पहले की जानी है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अचानक जाग गयी और उसने सत्र बुलाने का फैसला किया। कटारिया ने कहा कि सत्र बुलाने के लिए 21 दिन का नोटिस दिया जाता है ताकि सदस्य अपनी तैयारी कर सकें। इसके बाद आपत्ति के बाद विपक्षी भाजपा ने सदन का बहिष्कार किया। इस बीच, राज्यपाल ने अपना अभिभाषण जारी रखा और पूरा किया।

टिड्डियों से भरी टोकरी लेकर विधानसभा पहुंचे भाजपा विधायक
जयपुर : भारतीय जनता पार्टी के एक विधायक टिड्डियों से भरी एक टोकरी लेकर विधानसभा भवन पहुंचे और राजस्थान सरकार से मांग की कि राज्य के पश्चिमी हिस्सों में टिड्डी हमले से प्रभावित किसानों को मुआवजा वितरण की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए।
नोखा (बीकानेर) के विधायक बिहारी लाल प्रतीकात्मक विरोध प्रदर्शन करने के लिए टिड्डियों से भरी बंद टोकरी लेकर विधानसभा परिसर पहुंचे। विधायक ने विधानसभा भवन में संवाददाताओं से कहा, ‘इस मुद्दे को गंभीरता से लेने के बजाय राज्य सरकार सीएए के विरोध पर ध्यान केंद्रित किए हुए है। टिड्डी हमले से किसानों को भारी नुकसान हुआ है और सरकार को मुआवजा वितरण प्रक्रिया में तेजी लानी चाहिए।’ उन्होंने कहा कि उत्तर पश्चिमी राजस्थान के 12 जिलों के किसान टिड्डियों के हमले से परेशान हैं, जिनकी सात लाख हेक्टेयर में खड़ी फसल बर्बाद हो गयी है। उन्होंने कहा कि 9 अरब रुपये से ज्यादा का नुकसान राज्य के किसानों का हुआ है और राज्य सरकार इस मामले में पूरी तरह विफल रही है।
किसान संगठनों का प्रदर्शन
श्रीगंगानगर जिले में टिड्डी दलों का स्थायी समाधान करने, टिड्डियों से प्रभावित क्षेत्र में किसानों को मुआवजा एवं फसल बीमा दावे का शीघ्र भुगतान जारी करने की मांग को लेकर अखिल भारतीय किसान सभा, किसान संघर्ष समिति एवं जय किसान आंदोलन से जुड़े प्रमुख किसान नेताओं ने शुक्रवार को जिला कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन करके धरना दिया। पूर्व विधायक हेतराम बेनीवाल ने कहा कि टिड्डियों के नियंत्रण को लेकर जिला प्रशासन एवं राज्य सरकार गंभीर नहीं है। प्रशासन के पास पुख्ता इंतजाम नहीं होने की वजह से फसलें चौपट होने की कगार पर हैं। बेनीवाल ने कहा कि टिड्डियों को रोक पाना किसान की समझ से परे है। वहीं राज्य सरकार भी साथ नहीं दे रही है। किसान संघर्ष समिति के प्रवक्ता सुभाष सहगल ने कहा कि टिड्डियों के खात्मे के लिए मनरेगा श्रमिकों की मदद ली जाये। खड्डे खोदकर प्राचीन युक्ति से टिड्डियों को जमीन में दफन किया जा सकता है। वहीं प्रशासन के पास फायर बिग्रेड और दवा आदि की व्यवस्था होनी बेहद जरूरी है। किसान सभा के जिलाध्यक्ष कालूराम थोरी ने कहा कि टिड्डियों की वजह से गेहूं, चना, सरसों और बा़गवानी, यहां तक कि हरा चारा तक नष्ट हो रहा है। टिड्डियों की समस्या को राज्य सरकार प्राकृतिक आपदा घोषित कर किसानों को पूरा मुआवजा दे। वहीं बीमा कंपनियों ने ‘प्रधानमंत्री फसल बीमा’ के तहत बड़ी रकम किसानों से बीमा प्रीमियम के रूप में वसूल की है, जबकि किसानों को फसल बीमा दावा देने में कोताही बरती जा रही है। किसानों ने कलेक्टर से टिड्डियों के स्थायी समाधान के लिये हेलीकॉप्टर से दवा का छिड़काव करने की मांग की। उल्लेखनीय है कि श्रीगंगानगर जिले के साथ लगते पाकिस्तान से टिड्डियों का बड़ी संख्या में प्रवेश करने की वजह से रायसिंहनगर के पीएस क्षेत्र, आरबी क्षेत्र एमके एवं टीके क्षेत्रों में भारी नुकसान पहुंचा है। श्रीगंगानगर जिला मुख्यालय के नजदीक के गांवों और ढाणियों में भी टिड्डी दलों द्वारा फसलों पर हमले किए जा रहे हैं।
किसान सभा के जिला प्रवक्ता रवींद्र तरखान ने बताया कि टिड्डियों की समस्या के स्थायी समाधान, फसल खराबे का मुआवजा एवं फसल बीमा क्लेम को लेकर किसान पदमपुर, श्रीविजयनगर, रायसिंहनगर, रावला, घड़साना, अनूपगढ़ आदि सहित सीमावर्ती तहसीलों में किसान 28 जनवरी को प्रदर्शन करेंगे। तीन फरवरी को जिला मुख्यालय पर किसान पड़ाव डालेंगे।

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