योगी आदित्यनाथ ने बदायूं के 13 अधिकारियों को किया निलंबित, विभागीय जांच का भी आदेश

लखनऊ : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भ्रष्टाचार के प्रति बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं करने की नीति पर बड़ी कार्रवाई करते हुए बदायूं कोषागार में स्टांप मैनुअल का अनुपालन न करने एवं कार्य में शिथिलता के आरोप में 13 अधिकारियों को निलंबित करके विभागीय जांच के आदेश दिए हैं। वहीं, किसानों को बीमा दावा देने में आनाकानी करने वाली बीमा कंपनियों के खिलाफ भी जांच के आदेश दिए गए हैं।
एक सरकारी बयान में कहा गया है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा बदायूं कोषागार में कार्यरत तीन वरिष्ठ कोषाधिकारियों को पांच करोड़ रुपये के गबन के आरोप में निलंबित करके जांच के आदेश दिए गए हैं। उक्त प्रकरण में ही तहसीलदार स्तर के 10 अधिकारियों को भी निलंबित करके उनके खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बीमा कंपनियों द्वारा दावा न दिए जाने की शिकायतों को गंभीरता से लिया है। ‘मुख्यमंत्री सर्वहित किसान बीमा योजना’ का दावा देने में बीमा कंपनी की शिकायत को योगी आदित्यनाथ ने गंभीरता से लेते हुए बीमा कंपनी के विरुद्ध जांच के आदेश दिए हैं। बाराबंकी में बड़ी संख्या में किसानों को बीमा दावा देने में आनाकानी की शिकायतें आ रही थीं। इसे देखते हुए मुख्यमंत्री ने यह आदेश जारी किया है। बयान में कहा गया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनपद कासगंज के अलीपुर बड़वारा एवं सहसवान (बदायूं) के मध्य गंगा नदी पर सेतु के पहुंच मार्ग एवं सुरक्षात्मक कार्य निर्माण के लिए 174.97 करोड़ रुपये जारी करने के आदेश दिए हैं। इसके निर्माण से क्षेत्रीय जनता को आवागमन में सुविधा मिलेगी। इसके साथ ही जनपद बस्ती कलेक्ट्रेट के आवासीय भवनों के निर्माण कार्य के लिए प्रायोजना की सम्पूर्ण पुनरीक्षित लागत 16 करोड़ रुपये पर प्रशासकीय एवं वित्तीय अनुमोदन प्रदान करते हुए 6.56 करोड़ रुपये अवमुक्त करने के आदेश दिए हैं।

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