मतदाताओं की जागरूकता ही सशक्त लोकतंत्र की आधारशिला : द्रौपदी मुर्मू

रांची : झारखंड की राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू ने लोकतंत्र के आधार जनमत का साधन मतदान को बताया और कहा कि मतदान के प्रति मतदाताओं की जगरूकता ही सशक्त लोकतंत्र की आधारशिला है।
राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू ने शनिवार को यहां ‘राष्ट्रीय मतदाता दिवस’ के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि लोकतंत्र के आधार जनमत का साधन मतदान है और मतदान के प्रति मतदाताओं की जागरूकता ही सशक्त लोकतंत्र की आधारशिला है। उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग कृतसंकल्पित है कि मतदाता अपने मताधिकार के प्रयोग में जाति, धर्म, वर्ग, भाषा, समुदाय से ऊपर उठकर सभी प्रकार के प्रलोभनों से दूर रहकर अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें। इसी संकल्प की प्राप्ति के लिए मतदाता साक्षरता के लक्ष्य को प्राप्त करने की जिम्मेवारी तंत्र पर है। राज्यपाल ने कहा कि वर्ष 2019 ‘लोकतंत्र का महापर्व’ के नाम रहा। देश में लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड में विधानसभा चुनाव सम्पन्न हुए। उन्होंने राज्य में लोकसभा एवं विधानसभा चुनाव स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न कराने में संलग्न तंत्र को बधाई देते हुए कहा कि चुनावों की उल्लेखनीय विशेषता यह रही कि चुनाव आयोग के सुगम मतदान के उद्देश्य को प्राप्त किया जा सका। राज्यपाल ने कहा कि दिव्यांगजनों की शत-प्रतिशत भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए समग्र प्रयास किए गए। वोट करने के इच्छुक दिव्यांग मतदाताओं को घर पर ही मतदान करने का अवसर प्राप्त हुआ वहीं मतदान केंद्र पहुंचने के इच्छुक दिव्यांगजनों को घर से मतदान केंद्र पहुंचने की व्यवस्था के साथ-साथ मतदान केंद्र पर आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं। दिव्यांग एवं 80 वर्ष के आयुवर्ग के मतदाताओं के लिए घर पर मतदान करने की सुविधा उपलब्ध कराने की चुनाव आयोग की विशेष पहल की सर्वप्रथम एवं सफल प्रयोगस्थली झारखंड को बनने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। राज्यपाल ने कहा कि इस वर्ष राष्ट्रीय मतदाता दिवस का थीम ‘सशक्त लोकतंत्र के लिए मतदाता साक्षरता’ है। तात्पर्य यह है कि मतदाता जितना साक्षर होगा, शिक्षित होगा, लोकतंत्र उतना ही मजबूत होगा। इसलिए, निर्वाचन आयोग के थीम की विषयवस्तु मतदाता साक्षरता अथवा मतदाता शिक्षा की ओर केन्द्रित है। उन्होंने कहा कि मतदाता शिक्षा और मतदाता जागरूकता एक दूसरे के पूरक हैं।
द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि मतदाता शिक्षा के महती उद्देश्य को प्राप्त करने के लिए केंद्रीय निर्वाचन आयोग द्वारा मतदाता जागरूकता के विभिन्न कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। सभी सरकारी एवं गैर सरकारी विद्यालयों, महाविद्यालयों, विश्वविद्यालयों तथा अन्य शिक्षण संस्थाओं में मतदाता साक्षरता क्लब (ईएलसी) की स्थापना की गयी है। राज्यपाल ने कहा कि मतदाता पंजीकरण एक महत्वपूर्ण अभीष्ट है। इसे सुलभ और सरल बनाने के लिए जानकारी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि सभी योग्य व्यक्ति, जो मतदाता बनने की अर्हता रखते हैं, उनका नाम मतदाता सूची में दर्ज करने के लिए निर्वाचन आयोग सजग एवं सतत प्रयत्नशील है। द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि इस मंच से वह संदेश देना चाहती हैं कि 18 वर्ष पूरी कर चुके योग्य व्यक्तियों का नाम मतदाता सूची में शामिल करने के लिए चुनाव आयोग की वेबसाइट पर लॉगइन अथवा संबंधित मतदान केंद्र के बूथस्तरीय पदाधिकारी (बीएलओ) या संबंधित पदाधिकारियों के कार्यालय में अवश्य संपर्क करें एवं विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र भारत की मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज कराएं। राज्यपाल ने कहा, ‘निर्वाचन आयोग की 70वीं वर्षगांठ पर झारखंड की समस्त जनता की ओर से पुन: बधाई देती हूं तथा सशक्त लोकतंत्र के लिए शिक्षित मतदाता के संकल्प को साकार करने के उद्देश्य से राज्य की जनता को सार्थक भूमिका का निर्वहन करने का आह्वान करती हूं।’

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