बोधगया को प्रतिष्ठित पर्यटक गंतव्य के रूप में विकसित करने का नीतीश कुमार ने दिया निर्देश

Nitish Kumar

गया : बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भगवान बुद्ध की ज्ञानस्थली बोधगया को प्रतिष्ठित पर्यटक गंतव्य के रूप में विकसित करने के लिए अधिकारियों को बुधवार को आवश्यक निर्देश दिए।
नीतीश कुमार ने यहां महाबोधि मंदिर एवं बोधगया के विकास कार्यों से संबंधित समीक्षा बैठक के बाद जयप्रकाश उद्यान, मुचलिंद सरोवर एवं माया सरोवर का भ्रमण किया। उन्होंने समीक्षा बैठक एवं निरीक्षण के क्रम में अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि 100 बेड का सेंटर बनाया जाएगा, जिसका स्टैंडर्ड पांच सितारा होटल की तरह हो। इसके लिए अगस्त-सितंबर में ही मंत्रिमंडल की स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है। मुख्यमंत्री ने सुझाव देते हुए कहा कि महाबोधि मंदिर और जयप्रकाश उद्यान को ऊपर से लिंक करते हुए आवागमन का रास्ता इस तरह से बनाएं कि नीचे से जो पाथ-वे चल रहा है उसमें किसी प्रकार का व्यवधान न हो। इसके लिये जेपी उद्यान में मंदिर से आवागमन के लिये एस्केलेटर लगाना होगा। उन्होंने कहा कि यहां पूजा और प्रार्थना करने बड़ी संख्या में लोग आते हैं उनके लिए यहां पर्याप्त जगह होनी चाहिए। पटना के बुद्ध स्मृति पार्क में विपश्यना केंद्र बना हुआ है आपलोग यहां योग सेंटर बनाना चाह रहे हैं, वह तो ठीक है लेकिन विपश्यना भी भगवान बुद्ध से जुड़ा हुआ है उसका भी ध्यान रखिए। नीतीश ने जेपी उद्यान का निरीक्षण करने के क्रम में इस उद्यान को और विकसित करने के साथ-साथ इसके सुंदरीकरण के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि इस पार्क को और अधिक सुंदर बनाते हुए इसकी चहारदीवारी को और अच्छा बनायें। मुचलिंद सरोवर के विकास कार्यों का जायजा लेते हुये उन्होंने निर्देश दिया कि सरोवर में मिट्टी के स्टेप बनवायें, इसमें चहारदीवारी की कोई आवश्यकता नहीं है। भूमि अधिग्रहण का काम यहां पिछले साल दिसंबर माह में ही पूरा हो गया है। सरोवर के चारों ओर पेड़ लगवायें। उन्होंने कहा कि यह कोई समान्य सरोवर नहीं है बल्कि ज्ञान प्राप्ति के बाद भगवान बुद्ध यहां आकर ठहरे थे। यहां आने के लिए नदी से काफी घुमावदार रास्ता है। महाबोधि मंदिर से इसकी दूरी कम हो इसके लिए आने का सीधा रास्ता होना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसकी गहराई और बढ़ाकर सौर संयंत्र लगाने की व्यवस्था सुनिश्चित करें, साथ ही सरोवर में नीचे से पानी के जलस्त्रोत का प्रबंध कीजिए ताकि पानी स्वच्छ रहे। उन्होंने कहा कि सरोवर को और अधिक गहरा करने की जरूरत है ताकि इसमें पानी मेंटेन रह सके। साथ ही सरोवर परिसर में पर्याप्त लाइटिंग की व्यवस्था करें और यहां सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रारंभ करायें। यहां कम से कम पांच से सात हजार लोगों के बैठने की व्यवस्था हो। कन्वेंशन सेंटर एवं सुजाता होटल को माया सरोवर से कनेक्ट करने का भी मुख्यमंत्री ने सुझाव दिया। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी, शिक्षा मंत्री कृष्णनंदन प्रसाद वर्मा, पर्यटन मंत्री कृष्ण कुमार ऋषि, मुख्यमंत्री के परामर्शी अंजनी कुमार सिंह, सांसद विजय मांझी, विधायक अभय कुशवाहा एवं विनोद सिंह यादव, विधान पार्षद मनोरमा देवी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव चंचल कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव अनुपम कुमार, गया के जिलाधिकारी अभिषेक कुमार, वरीय पुलिस अधीक्षक राजीव कुमार, अन्य गण्यमान्य, वरीय अधिकारी एवं महाबोधि मंदिर प्रबंधन कमेटी से जुड़े अधिकारी मौजूद थे।

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