बिहार में ‘जल-जीवन-हरियाली’ के लिए मानव शृंखला मील का पत्थर साबित होगी : जदयू

पटना : बिहार में सत्तारूढ़ जनता दल (यूनाइटेड) ने दावा किया कि जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने के लिए शुरू किए गए ‘जल-जीवन-हरियाली’ अभियान के समर्थन में पूरे राज्य में बनाई जाने वाली मानव शृंखला मील का पत्थर साबित होगी।
जदयू प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने शनिवार को यहां कहा कि 19 जनवरी 2020 को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के आह्वान पर आयोजित होने वाली मानव शृंखला मील का पत्थर साबित होगी। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष मुख्यमंत्री के आह्वान पर दहेज, बाल विवाह एवं कन्या भ्रूण हत्या को समाप्त करने के लिए 21 जनवरी को पूरा बिहार एकजुट हुआ था। प्रसाद ने कहा कि पूर्ण शराबबंदी के पक्ष में दो साल पहले बनी मानव शृंखला एवं पिछली बार बनी मानव शृंखला से भी बड़ी मानव शृंखला इस बार बनाकर बिहार नया रिकॉर्ड कायम करेगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में चौतरफा तेज तरक्की और व्यापक सुधार के मोड में आया बिहार राह के हर रोड़े को हटाकर आगे बढ़ेगा। जदयू प्रवक्ता ने कहा कि राज्य के कोने-कोने में जदयू कार्यकर्ता मानव शृंखला में भाग लेने और मुख्यमंत्री के आह्वान का अनुसरण करने के लिए घर-घर संपर्क कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि 19 जनवरी को प्रस्तावित मानव शृंखला को लेकर बच्चों एवं युवाओं के अलावा महिलाओं में भी जबरदस्त उत्साह दिख रहा है। प्रसाद ने कहा कि नीतीश सरकार के कार्यकाल में हुए महिलाओं के सशक्तीकरण के जबरदस्त कार्यों और पूर्ण शराबबंदी से बिहार की महिलाओं के जीवन में बड़ा बदलाव आया है। उन्होंने कहा कि घर-परिवार समेत स्थानीय राजनीति और समाज की मुख्यधारा में भी सामने आईं महिलाओं को मजबूत आर्थिक आधार भी मिला है। जदयू प्रवक्ता ने कहा कि नीतीश सरकार के निरंतर गंभीर प्रयासों की बदौलत महिलाओं के सशक्तीकरण के लिए किए गए व्यापक उपाय से अब महिलाएं बोझ नहीं हैं। इसीलिए, जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 24454 करोड़ रुपये की लागत से जल-जीवन-हरियाली अभियान का रोडमैप जारी किया तो संपूर्ण बिहार में इस अभियान को सराहा जा रहा है।

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