बिहार में गरजे प्रधानमंत्री,कहा- ‘लालटेन के जमाना गईल’

डेहरी ऑन सोन: बिहार विधानसभा चुनाव की अपनी पहली रैली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय जनता दल (राजद) पर जमकर तीखे वारों का बौछार किया। रैली की शुरुआत में ही प्रधानमंत्री मोदी ने तेजस्वी यादव का नाम लिए बगैर कहा कि अक्सर चुनाव में कुछ नाम को बड़ा दिखाकर भ्रम फैलाने की कोशिश होती है, लेकिन बिहार की जनता इनके झांसे में नहीं आने वाली है। पीएम मोदी ने कहा कि लालटेन का जमाना जा चुका है। उन्‍होंने कहा कि लालटेन के जमाना गइल…पिछले छह साल में बिजली की खपत तीन गुणा बढ़ गई है। अंधेरे से उजाले की ओर बढ़ना इसी को कहते हैं।
370 पलटने की बात करने वाले किस मुंह से मांग रहे वोट
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि जम्मू कश्मीर से आर्टिकल-370 हटने का इंतजार देश बरसों से कर रहा था या नहीं। ये फैसला हमने लिया, एनडीए की सरकार ने लिया, लेकिन आज ये लोग इस फैसले को पलटने की बात कर रहे हैं। पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि ये कह रहे हैं कि सत्ता में आए तो आर्टिकल-370 फिर लागू कर देंगे। इन लोगों को आपकी जरूरतों से कभी सरोकार नहीं रहा। इनका ध्यान रहा है अपने स्वार्थों पर, अपनी तिजौरी पर। यही कारण है कि भोजपुर सहित पूरे बिहार में लंबे समय तक बिजली, सड़क, पानी जैसी मूल सुविधाओं का विकास नहीं हो पाया।
हर संकल्‍प के सामने रोड़ा बनकर खड़े हैं
विपक्ष पर निशाना साधते हुए पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि देश जहां संकट का समाधान करते हुए आगे बढ़ रहा है, ये लोग देश के हर संकल्प के सामने रोड़ा बनकर खड़े हैं। देश ने किसानों को बिचौलियों और दलालों से मुक्ति दिलाने का फैसला लिया तो ये बिचौलियों और दलालों के पक्ष में खुलकर मैदान में हैं।
प्रधानमंत्री मोदी के तीखे वार पर एक नजर
– प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने भाषण में राजद पर पहला आक्रमण करते हुए कहा कि लालटेन के जमाना गइल…पिछले छह वर्षों में बिजली की खपत तीन गुणा बढ़ गई है। अंधेरे से उजाले की ओर बढ़ना इसी को कहते हैं।
– बिहार के लोग भूल नहीं सकते वो दिन जब सूरज ढलने का मतलब होता था सबकुछ बंद हो जाना। ठप पड़ जाना। आज बिजली है, रोड है, लाइटें हैं और सबसे बड़ी बात वो माहौल है जिसमें राज्य का सामान्य नागरिक बिना डरे जी सकता है।
– वो दिन जब सरकार चलाने वालों की निगरानी में दिन दहाड़े डकैती, हत्याएं, रंगदारी वसूली जाती थी। वो दिन जब घर की बिटिया बाहर निकल जाए जो जब तक वह लौट नहीं आती तब तक मां-पिता की सांसें अटकी रहती थी।
– जिन लोगों ने एक-एक सरकारी नौकरी को लाखों करोड़ों रुपये कमाने का जरिया माना, जिन लोगों ने सरकारी नियुक्तियों के लिए बिहार के नौजवानों से लाखों की रिश्वत खाई, वो फिर बढ़ते हुए बिहार को ललचाई हुई नजरों से देख रहे हैं। आज बिहार में पीढ़ी भले ही बदल गई हो, लेकिन बिहार के नौजवानों को इतनी मुश्किलों में डालने वाले कौन थे।
– जहां कभी गरीब का राशन राशन की दुकान में ही लूट लिया जाता था, वहां कारोना काल में गरीबों को मुफ्त राशन घर पहुंचाया गया। गरीब भूखा ना सोये, त्योहार ठीक से मना सके, दिवाली और छठ पूजा ठीक से मना सके इसलिए मुफ्त अनाज की व्यवस्था की गई।

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