बलिया गोलीकांड: मुख्य आरोपी का गाली-गलौज वाला ऑडियो वायरल

– ऑडियो में सुनाई दे रहा है कि कैसे आरोपी राशन की दो दुकानों के आवंटन को लेकर तत्कालीन आपूर्ति निरीक्षक को धमका रहा है
बलियाः बलिया गोलीकांड का मुख्य आरोपी अभी भी फरार है। पुलिस उसे खोज निकालने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगाए हुए है। इसी बीच गोलीकांड का मुख्य आरोपी धीरेंद्र प्रताप सिंह उर्फ डब्ल्यू का एक ऑडियो वायरल हो रहा है, जिसमें वह राशन की दो दुकानों के आवंटन को लेकर तत्कालीन आपूर्ति निरीक्षक को धमकी दे रहा है। यह ऑडियो 15 मई 2019 का है, जिसमें धीरेंद्र प्रताप सिंह एरिया के आपूर्ति इंस्पेक्टर दुर्गा यादव को धमकी दे रहा है। वह ऑडियो में सप्लाई इंस्पेक्टर से बात करते हुए विधायक का नाम ले रहा है। धीरेंद्र प्रताप विधायक का नाम लेकर आपूर्ति निरीक्षक पर दवाब बना रहा है। यह विवाद बैरिया प्रखंड में राशन आपूर्ति की दो दुकानों के आवंटन से संबंधित था।
धमकियों से डर कर आपूर्ति निरीक्षक ने कराया अपना तबादला
ऑडियो से जाहिर हो रहा है कि धीरेंद्र प्रताप गाली गलौज की भाषा में सप्लाई इंस्पेक्टर से बात कर रहा है, उन्हें धमकी दे रहा है। इस धमकी को लेकर बाद में दुर्गा यादव ने बैरिया पुलिस थाने में एक प्राथमिकी दर्ज कराई थी, जिसमें बाद में चार्जशीट भी दायर की गई। बताया जा रहा है कि इन धमकियों से आजीज आकर आपूर्ति निरीक्षक ने अपना कहीं और तबादला करा लिया था।
पुलिस ने 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया
बता दें कि बलिया गोलीकांड में मुख्य आरोपी धीरेंद्र प्रताप सिंह सहित 6 वांछितों के खिलाफ पुलिस ने 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। 15 अक्टूबर को रेवती थाना क्षेत्र के दुर्जनपुर गांव में हुई घटना के संबंध में फरार आरोपियों पर ये इनाम राशि घोषित की है। वहीं आरोपी धीरेंद्र प्रताप सिंह ने खुद वीडियो जारी कर दावा किया था कि उसने कोई गोली नहीं चलाई।

मैंने नहीं चलाई कोई गोलीःआरोपी
बलिया गोलीकांड के मुख्य आरोपी धीरेंद्र प्रताप सिंह ने खुद यह दावा किया है कि उसने कोई गोली नहीं चलाई। इसके साथ ही धीरेंद्र प्रताप सिंह ने मांग की है कि इस पूरे मामले की उचित होनी चाहिए। अपने बयान में धीरेंद्र प्रताप ने कहा है कि कल राशन की दुकानों का आवंटन होता था और इसी वजह से कई अधिकारी मौके पर आवंटन प्रक्रिया के लिए आए हुए थे। मैंने भी इसी मामले को लेकर एसडीएम और बीडीओ से मुलाकात की थी। धीरेंद्र प्रताप ने अपने बयान में कहा है कि उसने अधिकारियों को अवगत कराया था कि क्षेत्र में चीजें काफी खराब थीं। इसके साथ ही उसने एसडीएम, बीडीओ और अन्य अधिकारियों पर भ्रष्टाचार के आरोप भी लगाए हैं। धीरेंद्र प्रताप का आरोप है कि वे लोग आवंटन प्रक्रिया को प्रभावित कर रहे थे।
पुलिस और प्रशासन को जिम्मदार ठहराया
धीरेंद्र प्रताप ने घटना के लिए पुलिस और प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया है। इस सनसनीखेज हत्याकांड के मामले में एडीजी के निर्देश पर पुलिस अधीक्षक (एसपी) ने तीन सब इंस्पेक्टर, पांच कांस्टेबल और दो महिला कांस्टेबलों को निलंबित कर दिया है। दस पुलिसवालों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई से हड़कंप मचा हुआ है। माना जा रहा है कि इस मामले में कई और पुलिसकर्मी भी नप सकते हैं। पुलिस विभाग से मिली जानकारी के अनुसार घटना के समय मौके पर तैनात रेवती थाने के सब इंस्पेक्टर और हल्का इंचार्ज सूर्यकान्त पाण्डेय, एसआई सदानंद यादव, गोपालनगर के पुलिस चौकी के इंचार्ज कमला सिंह यादव, कां. रूपेश पाण्डेय, रिंकू सरोज, आनन्द चौहान, राम प्रसाद, महिला कां. प्रीति यादव और सोनल सिंह को निलंबित कर दिया गया है।

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