फूड पॉयजनिंग का इलाज

फूड पॉयजनिंग दूषित खाना खाने से होती है। यह ढाबे के ही नहीं, फाइव स्टार होटल के खाने से भी हो सकती हे। चाहे खाना घर पर बना हो या किसी ढाबे होटल में, उसकी स्वच्छता का ध्यान रखना जरूरी है। अगर भोज्य पदार्थों पर साफ सफाई का ध्यान ना रखा जाए तो उसमें हानिकारक बैक्टीरिया पहुंच जाते हैं। सालमोनेला, ई कोलाई या विब्रियो कॉलरी जैसे बैक्टीरियाज की मौजूदगी कहीं भी होगी, उस खाने को प्रदूषित कर फूड पाइजनिंग के खतरे को बढ़ा सकती है।
फूड पॉइजनिंग के लक्षण
फूड पॉयजनिंग के लक्षण शरीर में कई तरह से दिखने लगते हैं, जैसे:-
– पेट में तेज दर्द का होना।
– हर 15 से 30 मिनट के अंतराल में उलटी या दस्त का लगना।
– खाने का न पचना।
– बुखार आना या पेट में क्रैम्प्स पड़ना।
– शरीर बहुत ज्यादा थका हुआ और कमजोरी महसूस करना जिससे शरीर बेजान सा लगने लगता है।
– इसका समय पर उपचार करना चाहिए नहीं तो इम्युनिटी कमजोर हो सकती है जिससे डीहाइड्रेशन और नर्वस सिस्टम पर प्रभाव पड़ सकता है।
– बूढ़े, बच्चे, कमजोर और गर्भवती महिलाएं इसकी चपेट में आसानी से आ सकते हैं।
फूड पॉयजनिंग के कारण
फूड पॉयजनिंग कई तरह से हो सकता है –
– बासी खाना खाने से।
– सब्जियां अच्छे से ना धुली और पकी होने से भी।
– खाने के सामान को ढक कर न रखने से हानिकारक जीवाणु खाने में पहुंच जाते हैं।
– सड़क से खुला खाना खाने से।
– फूड पॉइजनिंग की समस्या सिर्फ दूषित खाने की वजह से नहीं होती। कई बार यह हमारे गंदे हाथों से खाना खाने से भी हो सकती है।
फूड पॉयजनिंग से राहत पाने के लिए उपाय
– ओआरएस का घोल हमारे शरीर में तुरंत ऊर्जा पहुंचाता है, साथ ही शरीर में होने वाले पानी की कमी को दूर करता है।
– आप घर पर भी ओआरएस का घोल बना सकते हैं जिसमें आप एक गिलास उबले पानी में चुटकी भर नमक और 1 चम्मच चीनी डाल कर हर एक घंटे के अंतराल में पीएं। आप शिकंजी भी पी सकते हैं।
– घर पर जमा दही या उससे छाछ बनाकर मरीज को दे सकते हैं।
– 10 से 12 तुलसी की पत्तियों को पानी में उबालकर ठंडा करके पीने से भी आराम मिलता है।
– हल्का भोजन करना चाहिए जो आसानी से पच सके। जैसे खिचड़ी, सब्जियों का सूप आदि।
– केला एवं सेब में पाए जाने वाले तत्व पेट एवं लिवर के लिए काफी लाभदायक होते हैं।
– दर्द से आराम पाने के लिए पेट पर गरम पानी का बैग रखें।
– चावल का मांड पिलाना भी फायदेमंद रहेगा।
– अगर इन सबके बाद भी आपको कोई सुधार न लगे तो डाक्टर को जरूर दिखाएं। (स्वास्थ्य दर्पण) n शिवांगी झाँब

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