त्वचा को बनाएं निखरा-निखरा

– प्रतिदिन त्वचा पर धूल मिट्टी की परत जमती है और इसकी प्रतिदिन हर सफाई करना आवश्यक है, इसलिए सौम्य साबुन से स्नान करें और चेहरे पर फेस वाश का प्रयोग करें क्योंकि यह त्वचा की प्राकृतिक नमी को बनाए रखता है। त्वचा को पोंछते समय भी हल्के हाथों से तौलिए से पोंछें। चेहरे की त्वचा नाजुक होती है इसलिए इसे रगड़कर न पोंछें।
– त्वचा पर माश्चराइजर अवश्य लगाएं क्योंकि यह त्वचा की प्राकृतिक नमी बरकरार रखता है।
– प्राय: हम चेहरे की त्वचा पर तो अधिक ध्यान देते हैं पर गरदन, बांहें, टांगों, हाथों, पीठ, पैरों की त्वचा को अनदेखा कर देते हैं। शरीर की सम्पूर्ण त्वचा की देखभाल बहुत आवश्यक है और जो अंग खुले रहते हैं, उनकी तरफ तो विशेष ध्यान देने की जरूरत होती है। स्नान करते वक्त इनकी सफाई की ओर भी ध्यान दें। दो सप्ताह में एक बार मैनिक्योर और पैडिक्योर अवश्य करवाएं। गरदन और पीठ को भी हल्के हाथों से ब्रश से अच्छी तरह साफ करें। बहुत अधिक रगड़ें नहीं, नहीं तो पीठ और गरदन पर निशान पड़ सकते हैं।
– रात को सोने से पहले त्वचा पर ओवरनाइट नरिशिंग क्रीम या बाॅडी लोशन लगाएं व मसाज करें। इससे त्वचा में रक्तसंचार बढ़ेगा और त्वचा की कोमलता बनी रहेगी। आपको मुंहासों की शिकायत है तो आप रात को एंटीसेप्टिक क्रीम का प्रयोग करें क्योंकि रात को यह अधिक असरदायक होगी।
– 25 वर्ष की आयु के पश्चात 22-30 दिन पश्चात् फेशियल करवाएं। इससे चेहरे की त्वचा में कसाव आएगा और त्वचा पुष्ट बनेगी। बढ़ती उम्र में तो झुर्रियों को रोकने में फेशियल बहुत प्रभावी है।
– तेज धूप त्वचा को नुकसान पहुंचाती है। सूर्य की अल्ट्रावायलेट किरणों के हानिकारक प्रभाव से त्वचा कैंसर तक भी हो सकता है। सूर्य की यह तेज धूप त्वचा की रंगत को भी काला बना देती है। गर्मियों में सन टैन-सन बर्न होना इसी सूर्य की धूप का परिणाम है, इसलिए जब भी धूप में बाहर जाएं तो सनस्क्रीन का अवश्य प्रयोग करें। यह त्वचा को सूर्य की यूवी किरणों से तो सुरक्षा देती है, साथ ही त्वचा का सांवलापन भी रोकती है। सनस्क्रीन का प्रयोग सभी खुले रहने वाले अंगों जैसे हाथ, बांहों, गरदन, चेहरा आदि पर करें।
– त्वचा को बेजान व रूखेपन से बचाने के लिए प्रतिदिन 10-12 गिलास पानी अवश्य पीएं। धूूम्रपान, अल्कोहल चाय, कॉफी, कोल्ड ड्रिंक का सेवन कम करें। स्वस्थ त्वचा के लिए सबसे आवश्यक है पौष्टिक भोजन। यदि हम पौष्टिक भोजन नहीं लेते तो त्वचा रूखी व आकर्षणहीन हो जाती है, इसलिए भोजन में फल, सब्जियां, अनाज, दालों आदि का अधिक सेवन करें।
– त्वचा पर कृत्रिम प्रसाधनों का प्रयोग कम से कम करें। अगर किसी सौंदर्य प्रसाधन का प्रयोग करें भी तो अच्छी कंपनी व अच्छी क्वालिटी का ही लें और प्रयोग से पूर्व हाथ की त्वचा पर उसके प्रभाव को जान लें। प्राकृतिक प्रसाधनों जैसे दही, दूध, बेसन आदि का प्रयोग त्वचा पर करें। इन्हीं को फेस पैक के रूप में प्रयोग में लाएं।
– विभिन्न शोधों से यह भी सामने आया है कि पर्याप्त निद्रा लेने से त्वचा पर अच्छा प्रभाव पड़ता है, इसलिए प्रतिदिन आठ घंटे की चैन भरी नींद अवश्य लें। पर्याप्त नींद न लेने से उसका प्रभाव चेहरे पर झलकता है व त्वचा मुरझाई व अस्वस्थ नजर आती है। आजकल डायटिंग करना एक फैशन सा बनता जा रहा है। फिल्म स्टार्स और माॅडल्स की तरह खूबसूरत दिखने के चक्कर में महिलाएं डायटिंग के चक्कर में पड़ जाती हैं। डायटिंग करने से स्वास्थ्य व सौंदर्य दोनों को हानि पहुंचती है। त्वचा को पोषक तत्वों की प्राप्ति नहीं होती और त्वचा निस्तेज पड़ जाती है, इसलिए स्लिम होने के चक्कर में डायटिंग न करें।

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