तेजस्वी ने मुंगेर की घटना में पुलिस की भूमिका की तुलना जनरल डायर के कृत्य से की

पटना : मुंगेर में मूर्ति विसर्जन के दौरान हुई गोलीबारी और पुलिस लाठीचार्ज की घटना की जांच उच्च न्यायालय की निगरानी में कराये जाने की मांग राजद नेता तेजस्वी यादव ने बुधवार को की। उन्होंने कहा कि इस मामले में जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक को तत्काल हटाया जाये। महागठबंधन के घटक दलों की प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए तेजस्वी ने कहा कि इस मामले में मैं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार व उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी से पूछना चाहती हूं कि मुंगेर पुलिस को जनरल डायर बनने की अनुमति किसने दी? राज्य में कानून एवं व्यवस्था ध्वस्त होने का आरोप लगाते हुए उन्होंने सवाल किया कि नीतीश राज्य के गृह मंत्री भी हैं, वह क्या कर रहे थे और उपमुख्यमंत्री ने इस मामले में ट्वीट के अलावा क्या किया है? मुंगेर का वीडियो भयावह है, जहां नौजवानों को पुलिस ने घेर-घेरकर पीटा, बेकसूरों पर लाठियां बरसायीं व फायरिंग की? भाजपा पर निशाना साधते हुए तेजस्वी ने कहा कि डबल इंजन की सरकार है और भाजपा के लोग कानून एवं व्यवस्था पर सवाल उठाते रहे हैं लेकिन वे इस मामले में फंस गये हैं। अब उन्हें स्पष्ट करना चाहिए कि किसके आदेश पर यह हुआ। बिहार पुलिस को कहीं न कहीं से जनरल डायर बनने का आदेश जरूर गया है। बिहार की कानून व्यवस्था चरमरा गयी है।
वहीं, कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने आरोप लगाया कि नीतीश कुमार-भाजपा की सरपरस्ती में बिहार के दुर्गा मां के उपासकों को निशाना बनाया जा रहा है। पुलिस द्वारा निर्ममतापूर्वक लोगों की पिटाई का दृश्य देख रूह कांप जाती है। यह सरकार श्राप और पाप की भागी है और नैतिकता के नाते इसे एक क्षण भी कुर्सी पर नहीं रहना चाहिए। भाजपा-जदयू का यही संस्कार एवं संस्कृति है। मुंगेर की घटना की जनरल डायर से तुलना करना एकदम सही है और भाजपा-जदयू को बिहार व देश को जवाब देना चाहिए। घटना पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी व भाजपा नेता क्यों चुप हैं? मुंगेर घटना पर उनकी चुप्पी प्रत्यक्ष और परोक्ष संलिप्तता की ओर इशारा करती है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को बिहार सरकार को बर्खास्त करें अन्यथा साबित होगा कि इसमें उनकी परोक्ष सहमति है। मालूम हो कि सोमवार देर रात को मुंगेर के कोतबाली थाना अंतर्गत दीनदयाल उपाध्याय चौक के पास मां दुर्गा की मूर्ति के विसर्जन के दौरान गोलीबारी और पत्थर फेंकने की घटना में एक व्यक्ति की मौत हो गयी और दो दर्जन से अधिक लोग घायल हो गये। घायलों में कुछ पुलिसकर्मी भी शामिल हैं।

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