जलवायु परिवर्तन का नुकसान समझ रहे लोग, मानव शृंखला में होंगे शामिल : नीतीश कुमार

CM Nitish Kumar

पटना : बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बुधवार को कहा कि सरकार के गंभीर प्रयास और खासकर ‘जल-जीवन-हरियाली’ अभियान की बदौलत लोग जलवायु परिवर्तन से होने वाले नुकसान को मानने लगे हैं और वे 19 जनवरी को बनने वाली मानव शृंखला में शामिल होंगे।
नीतीश कुमार ने यहां जनता दल (यूनाइटेड) के प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह के आवास और भारतीय जनता पार्टी के विधान पार्षद रजनीश कुमार के आवास पर आयोजित दही-चूड़ा भोज में शामिल होने के बाद पत्रकारों से बातचीत में कहा कि लोग जलवायु परिवर्तन की बात को स्वीकार करने लगे हैं और यह मानने लगे हैं कि इससे नुकसान होने वाला है। लोगों में इस बात की सजगता आ रही है और बड़ी संख्या में इस वर्ष 19 जनवरी को बनने वाली मानव शृंखला में शामिल होंगे। उन्होंने अपील करते हुए कहा, ‘आप लोग तो शामिल हो हीं और लोगों को भी इसके लिये प्रेरित करें।’ मुख्यमंत्री ने कहा कि जल-जीवन-हरियाली अभियान को लोग अच्छी तरह से समझ रहे हैं। जल और हरियाली है, तभी जीवन सुरक्षित है। जल और हरियाली में कमी आयेगी तो जीवन सुरक्षित नहीं रहेगा। जीवन की सुरक्षा पर खतरा होगा और आने वाली पीढ़ी को नुकसान होगा।

अभियान पर तीन वर्षों में 24 हजार 500 करोड़ रुपये खर्च किये जायेंगे

इस अभियान के लिये जो कार्यक्रम चलाये जा रहे हैं, उसमें 11 अवयव शामिल किये गये हैं। इसके तहत कई प्रकार की योजनाएं चलायी जा रही हैं। इस अभियान पर अगले तीन वर्षों में 24 हजार 500 करोड़ रुपये खर्च किये जायेंगे। नीतीश कुमार ने कहा कि उन्होंने इस अभियान के तहत दौरा किया है, उससे भी कई बातें सामने आयी हैं। जल और हरियाली के लिये जो और जरूरत हो, लोगों का जीवन सुरक्षित रहे, पर्यावरण में सुधार आये, इसके लिये वह और उनकी सरकार हरसंभव प्रयास करेगी। उन्होंने कहा कि सभी से अपील है कि जल-जीवन-हरियाली अभियान के पक्ष में 19 जनवरी 2020 को बनने वाली मानव शृंखला में सब शामिल हों। उन्होंने कहा कि यह जल-जीवन-हरियाली अभियान पर्यावरण के प्रति लोगों को जागृत करने के लिये चलाया गया है।
गौरतलब है कि बिहार में पर्यावरण के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाने के साथ ही शराबबंदी एवं नशामुक्ति के पक्ष में तथा बाल विवाह एवं दहेज प्रथा के खिलाफ 19 जनवरी को बनने वाली 16351 किलोमीटर लंबी मानव शृंखला में चार करोड़ 27 लाख लोगों के शामिल होने की उम्मीद है। मानव शृंखला की 5052 किलोमीटर मुख्य मार्ग की लंबाई होगी और 11299 किलोमीटर उपमार्ग की लंबाई होगी।

मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत आवास उपलब्ध कराने के लिये काम शुरू
मुख्यमंत्री ने सरकार की ओर से उपलब्ध कराये जा रहे आवास के संबंध में पूछे गये सवाल के जवाब में कहा कि जिन लोगों का नाम प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत छूट गया था, उनका नाम फिर से भेजा गया और केंद्र सरकार उस पर काम कर रही है। जिन लोगों का नाम छूट गया है, उनको आवास मिलना चाहिये था। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से उन्हें सुविधाएं मिलेगी लेकिन इसमें ज्यादा देर न हो, इसके लिये उनकी सरकार ने विचार कर उन लोगों को मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत आवास उपलब्ध कराने के लिये काम शुरू किया है। नीतीश ने कहा, ‘मुजफ्फरपुर में चमकी बुखार (एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम-एईएस) से लोग प्रभावित हुए थे। हमलोगों ने वहां सामाजिक-आर्थिक सर्वे कराया था, जिसके आधार पर तय किया गया कि उस इलाके में हर परिवार को खासकर कांटी क्षेत्र में मुख्यमंत्री आवास योजना का लाभ देंगे। इसके अलावा राज्य के अन्य क्षेत्रों में जिन परिवारों का नाम प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत छूट गया है, उन्हें भी मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत लाभ मिलेगा।’ मुख्यमंत्री ने देश और राज्य के लोगों को मकर संक्रांति की बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि इस आयोजन के लिये वशिष्ठ भाई को धन्यवाद एवं बधाई देता हूं। उन्होंने कहा कि जब वे पहली बार सांसद बने थे, तभी से ही मकर संक्रांति के दिन अपने आवास पर लोगों को दही-चूड़ा भोज के लिये आमंत्रित करते रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज के दिन का लोगों में विशेष महत्व है। आज से सूर्य की स्थिति दक्षिणायन से उत्तरायन की ओर हो जाती है। इस दिन को लोग बहुत पवित्र मानते हैं क्योंकि आज से खरमास खत्म हो जाता है। उन्होंने कहा कि आज दही-चूड़ा के भोज में सद्भावना का माहौल बना है। आपस में प्रेम, भाईचारे का माहौल है। इस मौके पर उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी, पथ निर्माण मंत्री नंदकिशोर यादव, शिक्षा मंत्री कृष्णनंदन प्रसाद वर्मा, भवन निर्माण मंत्री अशोक चौधरी, जल संसाधन मंत्री संजय झा, विज्ञान एवं प्रावैधिकी मंत्री जयकुमार सिंह, सूचना एवं जनसंपर्क मंत्री नीरज कुमार, विधान पार्षद रणवीर नंदन एवं संजय कुमार सिंह उर्फ गांधी जी समेत अन्य जनप्रतिनिधि, गणमान्य व्यक्ति, बड़ी संख्या में राजनीतिक एवं सामाजिक कार्यकर्ता तथा आम लोग भी उपस्थित थे।

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